पानीवाले महकमे में एक इंजीनियर साहब का VRS काफी चर्चाओं में है। लंबे समय से 2-2 मलाईदार पदों पर बैठे इन इंजीनियर साहब ने अचानक से पिछले सप्ताह ही VRS के लिए एप्लाई किया है। हालांकि, इंजीनियर साहब ने तो चुपके से ही VRS के लिए एप्लाई किया था लेकिन तीसरे ही दिन यह खबर महकमे में चर्चाओं में आ गई। इंजीनियर साहब के करीबी तो उन्हें बधाई देते हुए कह रहे हैं- साहब अच्छा किया आपने, अब यह विभाग इतना बदनाम हो गया कि यहां काम करने जैसा माहौल ही नहीं रहा। लेकिन दूसरी ओर, इंजीनियर साहब के विरोधियों ने VRS पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल खड़े करें भी क्यों नहीं, लंबे समय से कई इंजीनियर्स के हकों पर कुण्डली मारकर बैठे हैं ‘ये साहब’। इन जैसे लोगों की वजह से ही महकमे में 2 साल से DPC नहीं हुई। ‘मुखियाजी’ के साथ मिलकर इंजीनियर साहब ने जमकर खेल किए हैं।
वैसे, पिछली सरकार में भी ‘इन साहब’ ने अपने ‘बड़े साहब’ के साथ मिलकर खूब खेल किए थे लेकिन नई सरकार में ‘VRS साहब’ ने अपने बड़े साहब के साथ भी चुपके से बड़ा खेल कर दिया। ‘मुखियाजी’ के विश्वासपात्र बनकर खुद के कारनामों के कई मामलों में तो क्लीनचिट ले ली और कई मामलों की फाइलों को दबवा दिया। दूसरी ओर, अपने ‘पुराने बड़े साहब’ के मामलों में महकमे की सहमति दिलवाकर ‘बड़े साहब’ के खिलाफ न केवल मुकदमें दर्ज करवा दिए बल्कि बेचारे जेल भी पहुंच गए। सुनने में आ रहा है कि ‘मुखियाजी’ के करीबी होने का फायदा उठाते हुए इंजीनियर साहब ने VRS एप्लाई कर दिया ताकि आसानी से VRS मंजूर हो जाए। वैसे भी इंजीनियर साहब ने पिछले 2 साल में 2-2 मलाईदार पदों पर रहते हुए मलाई खाई है और अब महकमे में न तो इंजीनियर साहब को प्रमोशन मिलने वाला है और न ही वेतनवृद्धि। ऐसे में इंजीनियर साहब को VRS का रास्ता ही फिलहाल सबसे सेफ नजर आ रहा है।
हालांकि, ‘साहब’ के खिलाफ एक जांच एजेंसी में कई मामले पड़े हैं जिनमें से कुछ में कार्रवाई को ‘मुखियाजी’ ने रोक रखा है और कुछ को एजेंसी ने ठंडे बस्ते में डाल रखा है। वैसे, इन ‘VRS साहब’ को भी पिछले एक-दो साल में जमीनों से खूब प्रेम हुआ है। एक ठेकेदार के साथ मिलकर साहब ने पिछले साल एक बड़ी जमीन भी खरीदी है जो भी जल्द ही चर्चाओं में आने वाली है। फिलहाल, साहब को VRS एप्लाई करने की बहुत-बहुत शुभकामनाएं… लेकिन, जल्द ही ये ‘VRS साहब’ भी बड़ी चर्चाओं में आने वाले हैं!
एक्सपोज बाबू
