राजस्थान के शहरी निकायों में व्यापार करना हुआ महंगा: सरकार ने जारी की लाइसेंस फीस की नई दरें, जानें अब कितना लगेगा चार्ज

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जयपुर | राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग (निदेशालय स्थानीय निकाय) ने प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले व्यापारियों और उद्यमियों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है । विभाग के निदेशक एवं विशिष्ट सचिव जुईकर प्रतीक चन्द्रशेखर द्वारा हस्ताक्षरित इस नए आदेश के तहत राज्य की सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं की उपविधियों में वार्षिक लाइसेंस फीस (Annual License Fee) की दरों का नए सिरे से निर्धारण कर दिया गया है । राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की विभिन्न धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सरकार ने पूर्व में वर्ष 2017, 2020 और 2022 में जारी आदेशों की निरंतरता में यह नया संशोधन लागू किया है । नए नियमों के तहत अब बिना लाइसेंस या बिना नवीनीकरण (Renewal) के व्यवसाय करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों को सीधे बंद (सीज) करने तक की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा सकेगी

श्रेणीवार निर्धारित की गई नई वार्षिक लाइसेंस फीस (रुपयों में):

स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी आधिकारिक तालिका के अनुसार, विभिन्न श्रेणियों के व्यवसायों के लिए नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका क्षेत्रों में सालाना फीस का ढांचा इस प्रकार तय किया गया है:

  • होटल व्यवसाय (कमरों के आधार पर): 50 कमरों तक के होटलों के लिए नगर निगम में 25,000 रुपये, नगर परिषद में 20,000 रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 15,000 रुपये वार्षिक फीस देय होगी । वहीं, 51 से 100 कमरों तक के होटलों के लिए यह दर क्रमशः 50,000, 40,000 और 30,000 रुपये रहेगी ।
  • लक्जरी सुविधाओं वाले होटल: 100 कमरों तक के ऐसे होटल जिनमें स्वीमिंग पूल, जिम, स्पा और अन्य लक्जरी सुविधाएं हैं, उन्हें निगम क्षेत्र में 75,000 रुपये देने होंगे । 101 से 150 कमरों तक के लक्जरी होटलों के लिए निगम में 1,00,000 रुपये तथा 150 से अधिक कमरों वाले बड़े लक्जरी होटलों के लिए नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 1,50,000 रुपये वार्षिक लाइसेंस फीस निर्धारित की गई है ।
  • रेस्टोरेंट और कैफे: बिना एसी (Non A.C.) वाले 100 चेयर तक की क्षमता के रेस्टोरेंट के लिए निगम में 7,500 रुपये, परिषद में 5,000 रुपये और पालिका में 4,000 रुपये फीस होगी । जबकि 100 चेयर तक के एसी (A.C.) रेस्टोरेंट के लिए निगम में 20,000 रुपये और 100 चेयर से अधिक क्षमता वाले बड़े एसी रेस्टोरेंट के लिए नगर निगम में 30,000 रुपये सालाना चुकाने होंगे । इसके अलावा कैफे, कैंटीन, मिठाई की दुकान, बेकरी और कन्फेक्शनरी (Sweetmeat) के लिए फीस क्रमशः 5,000, 3,500 और 3,000 रुपये तय की गई है ।
  • अन्य फैक्ट्रियां और दुकानें: नमकीन व मिठाई के कारखाने, मिनरल वाटर फैक्ट्री, आइसक्रीम/आइस फैक्ट्री, जिम, स्वीमिंग पूल, क्लाउड किचन (Cloud Kitchen) और पैक्ड फूड वेयरहाउस के लिए भी तीनों निकायों में क्रमशः 5,000, 3,500 और 3,000 रुपये की समान दरें तय की गई हैं । ब्यूटी पार्लर के लिए सालाना फीस क्रमशः 2,000, 1,700 और 1,500 रुपये होगी ।
  • मोबाइल फूड वाहन: चाट-पकौड़ी, फास्ट फूड और डोसा भोजन बेचने वाले मोबाइल वाहनों (Food Vans) के लिए भी सरकार ने सालाना फीस तय कर दी है, जो नगर निगम में 3,000 रुपये, नगर परिषद में 2,000 रुपये और नगर पालिका क्षेत्र में 1,500 रुपये होगी ।

आवासीय भवनों में नए लाइसेंस पर पूरी तरह रोक, ये हैं अन्य शर्तें:

इस नई अधिसूचना में फीस वृद्धि के साथ ही कई कड़े और अनिवार्य नियम व शर्तें भी जोड़ी गई हैं:

  1. आवासीय भवनों में व्यावसायिक रोक: विभाग ने स्पष्ट किया है कि ‘आवासीय भवनों’ में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि संचालित करने के लिए कोई भी नया लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा । हालांकि, जिन भवनों में 31 जनवरी 2017 से पहले के पुराने लाइसेंस जारी हैं, केवल उन्हीं का नियमानुसार नवीनीकरण (Renewal) किया जा सकेगा । मास्टर प्लान या जोनल डेवलपमेंट प्लान में मिश्रित/व्यावसायिक भू-उपयोग के तहत स्वीकृत भूखंडों पर ही तय शर्तों के साथ नए लाइसेंस मिल सकेंगे ।
  2. लाइसेंस जारी करने वाले सक्षम अधिकारी: जिन नगरीय निकायों में मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी (MBBS) कार्यरत हैं, वहां वरिष्ठतम स्वास्थ्य अधिकारी ही लाइसेंस जारी और नवीनीकरण करने का कार्य करेंगे । जिन निकायों में स्वास्थ्य अधिकारी नहीं हैं, वहां संबंधित आयुक्त, जोन उपायुक्त या अधिशाषी अधिकारी (EO) को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है ।
  3. लापरवाही पर भारी जुर्माना और सीलिंग की कार्रवाई: यदि कोई संचालक लाइसेंस उपविधियों की पालना नहीं करता है, तो उस पर शुरुआती दौर में 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा । यदि इसके बाद भी लगातार उल्लंघन जारी रहता है, तो दोष सिद्ध होने की तारीख से प्रतिदिन 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भुगतना होगा । नियमों के गंभीर उल्लंघन पर लाइसेंस पूरी तरह रद्द या निलंबित भी किया जा सकता है । सबसे अहम बात यह है कि लाइसेंस न लेने या समय पर रिन्यू न कराने की स्थिति में, आयुक्त या मुख्य नगर पालिका अधिकारी की स्वीकृति से वरिष्ठतम स्वास्थ्य अधिकारी उस व्यावसायिक प्रतिष्ठान को एक निश्चित अवधि के लिए बंद (सीज) करवा सकेंगे । सीज किए गए प्रतिष्ठान को सक्षम स्तर से दोबारा स्वीकृति मिलने के बाद ही खोला जा सकेगा ।
  4. अस्थाई अनुज्ञा पत्र और मेला दुकानें: किसी भी मेले, सर्किल या आयोजन स्थलों पर अस्थाई रूप से रेस्टोरेंट, मिठाई या फूड वैन लगाने के इच्छुक लोगों के लिए अधिकतम एक महीने की अवधि का अस्थाई अनुज्ञा पत्र जारी किया जाएगा, जिसके लिए साप्ताहिक रूप से 500 रुपये का शुल्क देना अनिवार्य होगा । इसके अलावा, ठोस कचरा प्रबंधन नियम (SWM Rules 2026) का उल्लंघन करने पर भी दोषियों से नियमानुसार अलग से जुर्माना राशि वसूल की जाएगी । भविष्य में समय-समय पर इस फीस में बदलाव या वृद्धि करने का अधिकार संबंधित स्वायत्तशासी निकाय के पास सुरक्षित रहेगा ।
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