3 साल से फरार अलवर का वांटेड पोरस झज्जर से अरेस्ट, पुलिस से बचने के लिए 6 शहरों में बदल चुका था ठिकाने

जयपुर: पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार सीआईडी क्राइम ब्रांच (CID CB) पुलिस मुख्यालय की स्पेशल टीम ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने अलवर के चर्चित जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट (SC/ST Act) के मामले में फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी पोरस उर्फ पोरस भारद्वाज (निवासी दहमी, थाना बहरोड़) को हरियाणा के झज्जर से गिरफ्तार कर लिया है।

आरोपी पिछले 3 साल से फरार चल रहा था और गिरफ्तारी से बचने के लिए हरिद्वार, गुरुग्राम, दिल्ली, जयपुर, रोहतक और झज्जर सहित कई शहरों में लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट, अलवर द्वारा उसके खिलाफ स्थाई गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया जा चुका था।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध) बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में वांटेड अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत उपमहानिरीक्षक पुलिस (DIG) राशी डोगरा डूडी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेहा अग्रवाल के सुपरविजन में उप निरीक्षक (SI) शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक स्पेशल टीम का गठन किया गया था।

  • खुफिया इनपुट: सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम पिछले कई दिनों से आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान टीम को पुख्ता मुखबिर सूचना और तकनीकी इनपुट मिले कि आरोपी वर्तमान में हरियाणा के झज्जर इलाके में छिपा हुआ है।
  • सुनियोजित घेराबंदी: इस सटीक इनपुट पर सीआईडी सीबी की स्पेशल टीम ने तत्काल झज्जर में सुनियोजित घेराबंदी कर दबिश दी और आरोपी पोरस भारद्वाज को चारों तरफ से घेरकर दस्तयाब कर लिया।
  • आरोपी को दबोचने के बाद अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए अलवर शहर के कोतवाली थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

क्या था 2023 का वह जानलेवा मामला?

यह पूरा घटनाक्रम 30 अगस्त 2023 की रात का है। अलवर शहर कोतवाली क्षेत्र में हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसके चचेरे भाई प्रदीप सिंह उर्फ मोगली पर हथियारों से लैस बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया था।

हमले का खौफनाक मंजर: > आरोपियों ने तलवार, फर्सी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर प्रदीप सिंह को गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इसके साथ ही पीड़ितों को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप लगाया गया था।

इस गंभीर मामले में शहर कोतवाली थाना, अलवर में आईपीसी (IPC) की सम्बंधित धाराओं एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। काफी तलाश के बाद भी जब आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया, तो जिला पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया था।

पहले “दानव”, अब “पोरस” गिरफ्तार

इस मामले में सीआईडी-सीबी की टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले टीम ने इसी प्रकरण के मुख्य आरोपी अभयराज उर्फ दानव को जयपुर के राजा पार्क इलाके से गिरफ्तार किया था। अब दूसरे मुख्य आरोपी पोरस भारद्वाज की गिरफ्तारी से पुलिस को ‘ऑपरेशन दानव’ के तहत एक और बड़ी कामयाबी मिली है।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

इस जटिल और लंबी फरारी काटने वाले आरोपी को पकड़ने में सीआईडी सीबी की टीम के इन जांबाज पुलिसकर्मियों की विशेष भूमिका रही:

  • नेतृत्व: उप निरीक्षक (SI) शैलेंद्र शर्मा
  • विशेष भूमिका: हेड कांस्टेबल कृष्णगोपाल शर्मा और अरुण कुमार शर्मा
  • तकनीकी सहयोग: हेड कांस्टेबल बृजेश शर्मा एवं कांस्टेबल सोहनदेव यादव

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