-देखिए नीट के उस ‘मुन्नाभाई’ की मार्कशीट जिसने सिस्टम को हिला कर रख दिया !
जयपुर। इसे कलयुग कहें या सिस्टम का कोढ़? जिस छात्र को यह नहीं पता कि ‘फिजिक्स’ की स्पेलिंग क्या है और ‘केमिस्ट्री’ के फॉर्मूले क्या होते हैं, वह आपके और हमारे बच्चों का इलाज करने की तैयारी में था। Expose Now आज उस मार्कशीट का पोस्टमार्टम कर रहा है, जो चीख-चीख कर कह रही है कि अगर ‘सेटिंग’ न पकड़ी जाती, तो राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था के हाथों में एक ‘पढ़ा-लिखा कसाई’ आने वाला था। क्या आप अपनी जान ऐसे डॉक्टर के हाथ में सौंपेंगे जिसे यह भी नहीं पता कि फिजिक्स और केमिस्ट्री में पास होने लायक नंबर कैसे लाए जाते हैं? सुनने में यह डरावना लग सकता है, लेकिन राजस्थान के जमवारामगढ़ के ‘ऋषि’ की मार्कशीट चीख-चीख कर यही गवाही दे रही है।
मार्कशीट का काला सच, अंकों का ‘अकाल’:-
Expose Now के पास मौजूद ऋषि बिवाल की 12वीं (RBSE) की मार्कशीट सिस्टम के मुंह पर एक तमाचा है। जिस छात्र के लिए उसके परिवार ने कथित तौर पर लाखों रुपये देकर NEET का पेपर खरीदा, उसकी शैक्षणिक योग्यता का स्तर देखिए:-
-फिजिक्स: थ्योरी में मात्र 09 अंक
-केमिस्ट्री: थ्योरी में मात्र 15 अंक
-बायोलॉजी: थ्योरी में मात्र 20 अंक
-परिणाम: सेकंड डिवीजन, वह भी ‘बाय ग्रेस’ (G) यानी बोर्ड की मेहरबानी से मिली पासिंग मार्क की बैसाखी।
सिस्टम की ‘हत्या’ और योग्यता का ‘कत्ल’:-
सोचिए, जो छात्र थ्योरी के 56 अंकों में से दहाई का आंकड़ा मुश्किल से छू पा रहा है, वह NEET जैसी कठिन परीक्षा में ‘टॉप’ करने का सपना देख रहा था। कैसे? सिर्फ पैसे के दम पर। अगर यह फर्जीवाड़ा पकड़ा नहीं जाता, तो आज यह छात्र किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज की सीट पर बैठा होता। कल यही छात्र ‘डॉक्टर’ बनकर आपके और हमारे बीच होता। जिसके पास बुनियादी विज्ञान का ज्ञान नहीं है, वह ऑपरेशन थिएटर में क्या करता? यह सिर्फ पेपर लीक नहीं, बल्कि ‘मास मर्डर’ की तैयारी थी।
प्रतिभा का गला घोंटता ‘बिवाल परिवार’ मॉडल:-
एक तरफ वह मेहनती छात्र है जो दिन-रात एक कर 18-18 घंटे पढ़ाई करता है, 90% लाता है और नीट की मेरिट से बाहर हो जाता है, और दूसरी तरफ ‘ऋषि’ जैसे लोग हैं जिनके पास दिमाग तो नहीं, लेकिन बाप की तिजोरी में ‘सेटिंग’ के पैसे के दम पर मेधावी छात्रों का हक मारने पर आमादा हैं। क्या जांच एजेंसियां उन सभी ‘अयोग्य ऋषियों’ तक पहुँच पाएंगी जो सिस्टम में सेंध लगाकर घुस चुके हैं? क्या ऐसे परिवारों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी जो समाज के भविष्य को खतरे में डाल रहे हैं?
पेपर लीक सिर्फ एक प्रशासनिक विफलता नहीं है; यह समाज के भरोसे की हत्या है। अगर अयोग्यता को इसी तरह ‘डिग्री’ बेची गई, तो आने वाले समय में हमारी चिकित्सा व्यवस्था खुद वेंटिलेटर पर होगी।
बने रहिए Expose Now के साथ, क्योंकि सच को उजागर करना हमारी जिम्मेदारी है।
