जयपुर जिला एथलेटिक संघ द्वारा एथलीटों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। जयपुर में एसएमएस स्टेडियम और विद्याधर नगर जैसे दो-दो अत्याधुनिक सिंथेटिक ट्रैक उपलब्ध होने के बावजूद, बुधवार 13 मई 2026 को होने वाली जिला एथलेटिक प्रतियोगिता का आयोजन राजस्थान यूनिवर्सिटी के मिट्टी के ट्रैक पर किया जा रहा है। संघ के सचिव गोपाल सैनी ने इसके पीछे ₹15,000 के किराए का हवाला देते हुए स्पोर्ट्स काउंसिल से अनुमति लेने तक की जहमत नहीं उठाई। यह फैसला राजस्थान एथलेटिक्स संघ के 2021 के उस अनिवार्य नियम का सीधा उल्लंघन है, जिसमें स्पष्ट कहा गया था कि जिन जिलों में सिंथेटिक ट्रैक मौजूद हैं, वहां प्रतियोगिताएं मिट्टी के बजाय सिंथेटिक ट्रैक पर ही कराई जाएं ताकि खिलाड़ियों को चोट (Injury) से बचाया जा सके और वे अपनी सर्वश्रेष्ठ टाइमिंग दे सकें।
इस आयोजन को लेकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों में भारी रोष है। ओलिंपियन श्रीराम सिंह सहित कई विशेषज्ञों का कहना है कि जो खिलाड़ी साल भर सिंथेटिक ट्रैक पर अभ्यास करते हैं, उन्हें अचानक मिट्टी पर दौड़ाना उनकी मेहनत पर पानी फेरने जैसा है। इससे न केवल उनकी परफॉर्मेंस गिरती है, बल्कि लिगामेंट और टखनों में गंभीर चोट का खतरा भी बढ़ जाता है। खिलाड़ियों ने इस संबंध में स्पोर्ट्स काउंसिल को लिखित शिकायत सौंपी है, जिसमें बताया गया है कि मिट्टी के ट्रैक पर दौड़ने से वे ‘क्वालिफिकेशन मानक’ हासिल नहीं कर पाएंगे। फिलहाल राज्य संघ ने जिला संघ को निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का पालन करें और खिलाड़ियों के भविष्य को दांव पर न लगाएं।
