Expose Now: ‘जल जीवन मिशन’ में जहर घोलने वाला मास्टरमाइंड संजय बड़ाया गिरफ्तार, रात 2 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा

-थाईलैंड में जश्न मनाकर लौटा ‘करोड़पति दलाल’ दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ा, पूर्व मंत्री महेश जोशी के साथ आज होगी कोर्ट में पेशी

जयपुर/दिल्ली। राजस्थान के बहुचर्चित 960 करोड़ के के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी का करीबी संजय बड़ाया को गिरफ्तार किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रविवार रात करीब 2 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से इसे पकड़ा। वह थाईलैंड में हुई शादी समारोह में शामिल होने के बाद भारत लौटा था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही ब्यूरो इमीग्रेशन ने तुरंत ACB को सूचना दी। इसके बाद रात करीब 2 बजे एसीबी टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ ACB ने 10 मई को ही लुक आउट नोटिस जारी किया था। इस मामले में 3 आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।

दलाली से लेकर ट्रांसफर-पोस्टिंग तक का खेल:-

जांच एजेंसियों के मुताबिक, संजय बड़ाया इस पूरे घोटाले की मुख्य कड़ी है। आरोप है कि वह पूर्व मंत्री महेश जोशी और रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल के बीच बिचौलिये (दलाल) की भूमिका निभाता था। टेंडरों में गड़बड़ी, अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग और पैसों के अवैध लेनदेन में उसकी सक्रिय भूमिका रही है। चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2022 तक एक इंश्योरेंस कंपनी में मामूली वेतन पर काम करने वाला बड़ाया, घोटाले के कुछ ही समय भीतर करोड़ों का मालिक बन गया।

फर्जी दस्तावेज और अवैध कब्जे का आरोप:-

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में सामने आया है कि बड़ाया ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर ‘चमत्कारेश्वर बिल्डर्स एंड डेवलपर’ नाम की कंपनी बनाई थी। इस कंपनी के जरिए न केवल करोड़ों का निवेश किया गया, बल्कि जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की बेशकीमती जमीनों पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे कब्जे के प्रयास भी किए गए।

महेश जोशी की रिमांड खत्म, आज कोर्ट में ‘आमने-सामने’ होंगे जोशी-बड़ाया:-

7 मई को गिरफ्तार हुए पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी की एसीबी रिमांड आज (11 मई) पूरी हो रही है। रिमांड अवधि के दौरान हुई पूछताछ के बाद एसीबी उन्हें आज कोर्ट में पेश करेगी। एसीबी की कोशिश होगी कि बड़ाया और जोशी को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाए, ताकि घोटाले की दबी हुई फाइलें और चेहरों का खुलासा हो सके। इस मामले में तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल पहले ही जेल में हैं। यदि दोष सिद्ध होता है, तो प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत महेश जोशी, सुबोध अग्रवाल और संजय बड़ाया को 10 साल तक की कठोर जेल हो सकती है।

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