उदयपुर। राजस्थान सरकार प्रदेश को जल आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। जल संसाधन मंत्री श्री सुरेश रावत ने उदयपुर प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि राज्य सरकार ने अपने तीन बजटों में उदयपुर संभाग के लिए 900 करोड़ रुपये से अधिक की जल परियोजनाएं स्वीकृत की हैं।
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मुख्य बिंदु
- बजट आवंटन: वर्ष 2026-27 के बजट में उदयपुर संभाग की चल रही जल परियोजनाओं के लिए 275 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
- उद्देश्य: हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल और हर खेत को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
- निगरानी: परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रमुख परियोजनाएं और प्रगति
जल संसाधन मंत्री ने संभाग में चल रही विभिन्न बड़ी परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी दी:
| परियोजना का नाम | अनुमानित लागत | वर्तमान स्थिति और लाभ |
| देवास तृतीय एवं चतुर्थ चरण | – | कार्य प्रगति पर: अधिकारियों को दिसंबर 2027 तक हर हाल में प्रोजेक्ट पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। |
| बागोलिया फीडर परियोजना | लगभग 200 करोड़ रुपये | कार्य तेजी से जारी: मावली क्षेत्र में पेयजल के साथ 3700 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। |
| खारी फीडर परियोजना | 131 करोड़ रुपये | कार्य प्रगति पर: राजसमंद जिले को इसका सीधा लाभ मिलेगा। |
| रामजल सेतु परियोजना | – | कार्य प्रगति पर है। इसके पूरा होने पर प्रदेश के आधे जिलों में पेयजल और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार होगा। |
