भर्ती नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर: आवेदन की आखिरी तारीख ही होगी शैक्षणिक योग्यता की निर्णायक तिथि

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी भर्तियों में शैक्षणिक योग्यता को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी भर्ती परीक्षा के लिए शैक्षणिक योग्यता की निर्णायक तिथि (Cut-off Date) आवेदन की अंतिम तिथि ही होगी। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के उन पुराने आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनमें स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी।

क्या है पूरा मामला?

मामला सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) भर्ती-2024 से जुड़ा है। इस भर्ती के लिए 7 मार्च 2024 को विज्ञापन निकाला गया था, जिसमें लॉ स्नातक (LLB) की डिग्री अनिवार्य रखी गई थी। इसके बावजूद, कई ऐसे अभ्यर्थियों ने आवेदन कर दिया था जिनकी डिग्री आवेदन की अंतिम तिथि तक पूरी नहीं हुई थी। जब विभाग ने ऐसे आवेदन वापस लेने को कहा, तो मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट की एकल और खंडपीठ ने अभ्यर्थियों को राहत देते हुए कहा था कि परीक्षा की तिथि तक डिग्री मिलने पर उन्हें पात्र माना जाए।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि योग्यता का आकलन आवेदन की अंतिम तिथि तक उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही होना चाहिए। अदालत ने तर्क दिया कि यदि साक्षात्कार (Interview) तक योग्यता पूरी करने की छूट दी गई, तो इससे चयन प्रक्रिया में अनिश्चितता बढ़ेगी और प्रशासनिक बोझ भी बढ़ेगा।

भविष्य की भर्तियों पर असर

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि अभ्यर्थियों के पास आवेदन की अंतिम तिथि तक संबंधित डिग्री या शैक्षणिक योग्यता का होना अनिवार्य है। केवल ‘अपीयरिंग’ या अंतिम वर्ष में होने के आधार पर अब अभ्यर्थी पात्रता का दावा नहीं कर सकेंगे, बशर्ते नियमों में स्पष्ट रूप से इसकी छूट न दी गई हो।

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