करौली: राजस्थान के करौली जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुरानी रंजिश के चलते एक व्यक्ति को पहले शराब पार्टी के बहाने बुलाया गया और फिर पत्थरों से सिर कुचलकर उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। घटना के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए अस्पताल के बाहर धरना और जाम लगा दिया। पुलिस की समझाइश और आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद परिजन माने, जिसके बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
क्या था 15 साल पुराना मामला?
एसपी लोकेश सोनवाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि लगभग 15 साल पहले मृतक लखन सिंह मीणा एक ट्रक चला रहे थे, जिसे सही करने के लिए वह हिंडौन ले गए थे। ट्रक को स्टार्ट करने के लिए धक्का लगाते समय आरोपी लोकेश के पिता जैसीराम ट्रक के पहिए के नीचे आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद से ही लखन सिंह मीणा और आरोपी लोकेश के परिवारों के बीच आपसी रंजिश चल रही थी, जिसके कारण लखन सिंह कई साल तक अपने गांव से फरार भी रहे थे।

घटना का घटनाक्रम
- 2 मई: मृतक के बेटे राजकुमार मीणा ने सदर थाने में पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
- शराब पार्टी: 2 मई की शाम को आरोपी लोकेश, मृतक लखन सिंह और उनके दोस्त अरविंद को अपनी मोटरसाइकिल पर आमन का पुरा ठेके पर ले गए, जहाँ से उन्होंने बीयर ली।
- हत्या का स्थान: आरोपियों ने पहले मासलपुर चुंगी शराब ठेके से बीयर ली और फिर सभी अंजनी माता के मंदिर के पास पहाड़ की तरफ गए। यहाँ अत्यधिक शराब पीने के बाद उनके बीच कहासुनी हो गई।
- वारदात: कहासुनी के बाद अरविंद ने लखन सिंह के सिर पर बीयर की बोतल से वार किया। इसके बाद लखन सिंह वहां से भागकर एक पत्थर के पास छिप गए। आरोपियों ने पीछा कर उन्हें बाहर खींचा, जमीन पर पटक दिया और पत्थरों से सिर कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मृतक के बेटे ने 3 मई को सदर थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थानाधिकारी यदुवीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी लोकेश मीणा, करीरी टोडाभीम इलाके में छिपा हुआ है। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर मुख्य आरोपी लोकेश को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा जगह-जगह दबिश दी जा रही है।
परिजनों का प्रदर्शन
शव मिलने के बाद परिजनों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जिला अस्पताल के बाहर धरना दिया और रास्ता जाम कर दिया। पुलिस के समझाने और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परिजन शांत हुए और शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
