राजस्थान में सौर ऊर्जा का बड़ा धमाका: दो चरणों में लगेंगे 11 लाख सोलर पैनल, केंद्र सरकार ने दी अपनी सहमति

राजस्थान राज्य में 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के नए फॉर्मूले के तहत 11 लाख उपभोक्ताओं की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को पैनल लगवाने के लिए अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।

दो चरणों में लागू होगी योजना

  • पहला चरण: योजना के पहले चरण में 3 लाख उपभोक्ताओं के घरों पर 1.1 किलोवाट क्षमता के सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
  • दूसरा चरण: अगले चरण में शेष 8 लाख उपभोक्ताओं को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
  • कुल क्षमता: इन सभी संयंत्रों से कुल 1210 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी।

लागत और सब्सिडी का गणित

इस महत्वाकांक्षी योजना की कुल अनुमानित लागत 6655 करोड़ रुपये है। फंड की व्यवस्था इस प्रकार की गई है:

  • केंद्र सरकार: केंद्र की ओर से 3630 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी।
  • राज्य और डिस्कॉम: शेष राशि राज्य सरकार और विद्युत वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) मिलकर वहन करेंगी।
  • प्रति पैनल लागत: एक पैनल की अनुमानित लागत लगभग 50 हजार रुपये है, जिसमें केंद्र की सब्सिडी 33 हजार और राज्य सरकार का हिस्सा 17 हजार रुपये है।

उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

  • जीरो बिजली बिल: जो परिवार प्रतिमाह 150 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, सोलर पैनल से 132 से 150 यूनिट उत्पादन होने के कारण उनका बिल शून्य हो जाएगा।
  • मीटर चार्ज में छूट: 150 से 300 यूनिट तक खपत करने वालों को प्रति यूनिट मीटर चार्ज में छूट दी जाएगी, जिससे उनका बिल 75 रुपये तक कम हो सकता है।
  • मुफ्त रखरखाव: योजना के तहत लगने वाले पैनलों का 5 साल तक संचालन और रखरखाव भी मुफ्त रहेगा।

ग्रिड पर घटेगा दबाव

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के अनुसार, केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से न केवल उपभोक्ताओं को स्थाई लाभ मिलेगा, बल्कि ग्रिड पर बिजली की मांग का दबाव भी कम होगा।

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