जयपुर के सोडाला स्थित सुशीलपुरा कॉलोनी में बदबूदार और दूषित पानी की सप्लाई आने पर PHED के एईएन (AEN) को एपीओ (APO) कर दिया गया है। विभागीय जांच में पेयजल आपूर्ति में गंभीर लापरवाही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है।
विधायक के सामने फूटा था आक्रोश
कॉलोनी में रहने वाले लोगों ने करीब एक महीने पहले दूषित पानी के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था। सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें गंदे पानी की स्थिति दिखाते हुए नाराजगी जताई और बताया कि वे पिछले लंबे समय से परेशान हैं। प्रदर्शन के दौरान एक युवक ने गिलास में गंदा पानी भरकर विधायक को दिखाया था। विधायक ने पानी को सूंघा और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल्द व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया था।
30 दिन बाद विभाग की कार्रवाई
विधायक के दौरे और जनता के भारी आक्रोश के 30 दिन बाद विभाग ने यह कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि संबंधित अधिकारी द्वारा पेयजल आपूर्ति के प्रबंधन में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण क्षेत्रवासियों को सीवर जैसी दुर्गंध वाला पानी सप्लाई किया जा रहा था।
टैंकर और कैंपर से पानी मंगवाने को मजबूर थे लोग
इस इलाके में करीब एक हजार से ज्यादा लोग पिछले लंबे समय से दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे थे। लोगों का कहना था कि नलों से आने वाले पानी में इतनी तेज दुर्गंध आती है कि उसे पीना तो दूर, नहाना और अन्य घरेलू उपयोग में लेना भी दूभर हो गया था। हालात इतने खराब थे कि:
- कई परिवार 1.5 से 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थे।
- स्थानीय लोग महंगे टैंकर और कैंपर के जरिए पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे थे।
क्षेत्रवासियों ने इस समस्या की शिकायत कई बार विभाग में दर्ज कराई थी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर अंततः मामला आंदोलन और विधायक के हस्तक्षेप तक पहुँचा।
