पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स में सीबीआई की स्ट्राइक: बिल पास करने के बदले घूस मांगने वाला अधिकारी गिरफ्तार

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स’ (PLW) के इंजीनियरिंग विभाग में तैनात सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE-Drawings) गुरजीत सिंह को रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक ठेकेदार के बकाया बिलों को तकनीकी रूप से पास करने के बदले कमीशन की मांग की थी।

पूरा मामला: क्या थी रिश्वत की मांग?

शिकायतकर्ता संदीप कुमार (पार्टनर, मैसर्स एस.के. बिल्डर्स) ने सीबीआई को दी अपनी शिकायत में बताया कि उनकी फर्म को पीएलडब्ल्यू पटियाला में आवासीय क्वार्टरों के मरम्मत और रखरखाव का ठेका मिला हुआ है।

  • कमीशन का खेल: आरोपी गुरजीत सिंह ने मार्च 2026 में शिकायतकर्ता से मुलाकात की और दो रनिंग बिलों (कुल राशि लगभग 35.5 लाख रुपये) को पास करने के लिए कुल बिल राशि का 0.50% रिश्वत के रूप में मांगा।
  • धमकी का आरोप: शिकायतकर्ता के अनुसार, गुरजीत सिंह ने धमकी दी कि यदि 15,000 रुपये की रिश्वत नहीं दी गई, तो वह भविष्य के बिलों में तकनीकी आपत्तियां लगाकर भुगतान रुकवा देगा।

सीबीआई का जाल और गिरफ्तारी

सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB), चंडीगढ़ ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद 15 अप्रैल 2026 को जाल बिछाया।

  • रंगे हाथों कार्रवाई: जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय रणनीति के तहत आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी, सीबीआई की टीम ने दबिश देकर उसे दबोच लिया।
  • साक्ष्य संकलन: सीबीआई ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपी से रिश्वत की राशि बरामद की और डिजिटल साक्ष्य भी जुटाए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर

सीबीआई ने आरोपी गुरजीत सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच इंस्पेक्टर अनिल कुमार को सौंपी गई है। सीबीआई अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में विभाग के अन्य उच्चाधिकारी भी शामिल थे।

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