राजस्थान के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूती देने और पूर्वी राजस्थान के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए अब महुवा–करौली राजमार्ग (संख्या 22) को फोरलेन में तब्दील करने की मांग जोर पकड़ रही है। करीब 93 किलोमीटर लंबा यह मेगा हाईवे न केवल लाखों लोगों की जीवनरेखा है, बल्कि यह प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर भी है।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए अहम यह राजमार्ग प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैला देवी, श्री महावीर जी और मेहंदीपुर बालाजी धाम के बेहद करीब से गुजरता है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। इसके अलावा, यह मार्ग दिल्ली को महुवा, मंडावर और अलवर के रास्ते जोड़ता है, साथ ही मंडरायल के जरिए मध्य प्रदेश और धौलपुर के माध्यम से उत्तर प्रदेश तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करता है।
जर्जर सड़क और टोल की मार वर्तमान में इस हाईवे की स्थिति अत्यंत दयनीय है। जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त सड़क के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि सड़क खराब होने के बावजूद टोल वसूली लगातार जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि संकरी और टूटी सड़क के कारण सफर में समय अधिक लगता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।
चौड़ीकरण से बदल जाएगी क्षेत्र की सूरत (प्रमुख लाभ):
- सुरक्षित यातायात: निजी ट्रैवल्स संचालक जीतराम गुर्जर के अनुसार, फोरलेन बनने से जाम और हादसों में कमी आएगी और भारी वाहनों की आवाजाही सुरक्षित होगी।
- व्यापार और उद्योग: व्यापारी विजय जैन का मानना है कि सड़क चौड़ी होने से कृषि उत्पाद (सरसों, बाजरा) और स्थानीय पत्थर के परिवहन में आसानी होगी, जिससे नए उद्योग और रोजगार पनपेंगे।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: एडवोकेट भुवनेश त्रिवेदी ने बताया कि बेहतर सड़क से गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सकेगा और युवाओं की पहुंच कोचिंग संस्थानों तक आसान होगी।
- पर्यटन को बढ़ावा: पर्यटन क्षेत्र से जुड़ी मिश्री देवी के अनुसार, अच्छी सड़क सुविधा से देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल और टैक्सी व्यवसाय को मिलेगा।
सरकार और प्रशासन की कवायद क्षेत्र के विकास को लेकर विधायक राजेंद्र मीणा ने केंद्रीय मंत्री और राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री को पत्र लिखकर इस सड़क के चौड़ीकरण की मांग की है। वहीं, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी इस राजमार्ग को फोरलेन प्रोजेक्ट में शामिल करवाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं और संबंधित अधिकारियों के साथ वार्ता कर रहे हैं।
पूर्व जिला प्रमुख अजीत सिंह महुवा का कहना है कि इस मेगा हाईवे का फोरलेन में रूपांतरण न केवल आर्थिक और सामाजिक प्रगति लाएगा, बल्कि इससे आसपास की जमीनों की कीमतों में भी उछाल आएगा, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक लाभ होगा। क्षेत्रवासियों को अब सरकार से इस परियोजना की शीघ्र स्वीकृति और कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
