करौली में स्वास्थ्य सेवाओं का ‘रियलिटी चेक’: कलक्टर ने निर्माण कार्यों और अस्पतालों की व्यवस्थाएं परखीं

जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने सोमवार को जिले की चिकित्सा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति देने के लिए व्यापक निरीक्षण किया। कलक्टर ने निर्माणाधीन मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज से लेकर मातृ एवं शिशु चिकित्सालय और पुराने जिला चिकित्सालय का जायजा लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

1. निर्माणाधीन मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज: गुणवत्ता और समय सीमा पर जोर

जिला कलक्टर ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज और नर्सिंग कॉलेज की बहुमंजिला इमारतों का सघन निरीक्षण किया। उन्होंने गर्ल्स-बॉयज हॉस्टल, स्टाफ क्वार्टर, आईसीयू और मुख्य द्वार से नर्सिंग कॉलेज तक बनने वाली सड़क की समीक्षा की।

  • प्रमुख निर्देश: कलक्टर ने आरएसआरडीसी (RSRDC) के अधिकारियों को सड़क डामरीकरण, लाइटिंग व्यवस्था, बाउंड्री वॉल की ऊंचाई बढ़ाने और खिड़कियों में ग्लास फिटिंग जैसे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने को कहा।
  • अतिरिक्त श्रमिक: इंडोर स्टेडियम और एसटीपी (STP) निर्माण में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त टीमें और श्रमिक तैनात करने की हिदायत दी ताकि कॉलेज का संचालन समय पर शुरू हो सके।

2. मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (MCH): गर्मी को देखते हुए पुख्ता इंतजाम के निर्देश

कलक्टर ने नवीन चिकित्सालय परिसर स्थित मातृ शिशु चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने लेबर रूम, एनआईसीयू (NICU), पीआईसीयू (PICU) और कुपोषण उपचार केंद्र की व्यवस्थाएं देखीं।

  • गर्मी से बचाव: उन्होंने पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा को निर्देश दिए कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए वार्डों में एसी और कूलर सुचारू रहें। साथ ही, मरीजों के बैठने के लिए अतिरिक्त बेंच लगाने को कहा।
  • सराहना: चिकित्सालय में उत्कृष्ट साफ-सफाई व्यवस्था देख कलक्टर ने प्रबंधन की प्रशंसा की और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए।

3. पुराना जिला चिकित्सालय: ‘क्लेम रिजेक्शन’ कम करने की चेतावनी

स्वतंत्रता सेनानी शिवराज सिंह राजकीय सामान्य चिकित्सालय का औचक निरीक्षण करते हुए कलक्टर ने प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं पर कड़ा रुख अपनाया।

  • वित्तीय प्रबंधन: कलक्टर ने पाया कि क्लेम रिजेक्शन की दर 36 प्रतिशत है, जिसे तुरंत कम करने और बुकिंग प्रक्रिया (65%) को बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि राजकीय कोष में वृद्धि हो सके।
  • मरीजों से संवाद: उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों से बातचीत कर मिल रही सुविधाओं का फीडबैक लिया और अस्पताल में जीवनरक्षक उपकरणों के उचित रखरखाव के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आरसी मीणा, पीएमओ डॉ. रामकेश मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अभियंता उपस्थित रहे।

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