राजधानी के करणी विहार थाना क्षेत्र में एक बड़े साइबर और ई-कॉमर्स धोखाधड़ी (E-commerce Fraud) का मामला सामने आया है। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ सुनियोजित तरीके से करीब 1.79 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई है। इस संबंध में पीड़ित चन्द्रप्रकाश सिंह (53), निवासी करणी विहार, जो वर्तमान में अधिकृत इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड (अजयराजपुरा कलवाड़ा सेज) में कार्यरत हैं, ने मामला दर्ज कराया है।
52 फर्जी खातों से ‘करोड़ों का खेल’
पीड़ित द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, नवंबर से फरवरी के बीच अज्ञात आरोपियों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत फ्लिपकार्ट पर संचालित 52 अलग-अलग ग्राहक खातों का उपयोग किया। इन खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा कर कंपनी को बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया।
नकली सामान से बदले महंगे गैजेट्स
धोखाधड़ी का तरीका बेहद शातिराना था। आरोपियों ने पिछले 3 महीनों के अंदर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से हाई-प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद ऑर्डर किए। इनमें एपल (Apple), सैमसंग (Samsung) और लेनोवो (Lenovo) जैसे महंगे ब्रांड के मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट शामिल थे।
फ्रॉड का तरीका: “आरोपियों ने असली और महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद निकालकर उनकी जगह उसी पैकेजिंग में नकली सामान पैक कर दिया और रिटर्न (Return) के रूप में कंपनी को वापस भेज दिया।”
कंपनी को करोड़ों का नुकसान
इस फर्जीवाड़े के जरिए असली उत्पाद चोरी कर लिए गए और उनके बदले नकली सामान वापस भेज दिया गया। ऑडिट और स्टॉक चेकिंग के दौरान जब यह गड़बड़ी सामने आई, तो पता चला कि कंपनी को कुल 1.79 करोड़ रुपए की चपत लग चुकी है।
पुलिस जांच और गिरोह की तलाश
करणी विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस अब उन 52 ग्राहक खातों की डिटेल खंगाल रही है, जिनका उपयोग इस फ्रॉड में हुआ। साथ ही, डिलीवरी नेटवर्क और पैकेजिंग चेन की भी गहराई से जांच की जा रही है, क्योंकि बिना मिलीभगत के इतनी बड़ी मात्रा में सामान बदलना संभव नहीं प्रतीत हो रहा। मामले को साइबर और ई-कॉमर्स फ्रॉड के किसी बड़े संगठित गिरोह से जोड़कर देखा जा रहा है।
