‘मन की बात’: PM मोदी बोले- 2026 में नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने को तैयार भारत; CM भजनलाल ने जयपुर में सुना संबोधन

जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 129वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। साल 2025 के इस आखिरी एपिसोड में पीएम मोदी ने देश की उपलब्धियों पर गर्व जताया और भविष्य की रूपरेखा रखी। इधर, जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर आमजन और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना।

युवा शक्ति से दुनिया को उम्मीद प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2025 में भारत ने अंतरिक्ष, विज्ञान, तकनीक और खेल समेत हर क्षेत्र में परचम लहराया है। उन्होंने कहा, “हमारी युवा शक्ति के कारण आज पूरी दुनिया को भारत से बहुत आशाएं हैं। हमारे युवा अपनी मेहनत और इनोवेटिव सुझावों से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहे हैं।” पीएम ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2026 ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा।

12 जनवरी को ‘यंग लीडर्स डायलॉग’ युवाओं को जोड़ने के लिए पीएम ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष स्वामी विवेकानंद की जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) पर ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ का आयोजन किया जाएगा। यह मंच युवाओं को अपने विचार और सुझाव साझा करने का अवसर देगा। साथ ही उन्होंने ‘स्मार्ट इंडिया हैकथॉन-2025’ और आईआईएससी के ‘गीतांजलि’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया।

स्वास्थ्य मंत्र: बिना डॉक्टर की सलाह एंटीबायोटिक न लें पीएम मोदी ने स्वास्थ्य को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी दी। उन्होंने निमोनिया और अन्य बीमारियों के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाओं के बेअसर (Antibiotic Resistance) होने पर चिंता जताई। उन्होंने देशवासियों को सलाह दी कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल न करें और स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

सीएम भजनलाल ने बताया गर्व का पल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री का संबोधन देश की उपलब्धियों पर गर्व करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज महाकुंभ और अयोध्या में ध्वजारोहण जैसे क्षणों ने हमारी संस्कृति को वैश्विक पहचान दी है। इस अवसर पर सीएम आवास पर विधायक डॉ. गोपाल शर्मा, पूर्व विधायक रामलाल शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।

मणिपुर से लेकर विदेश तक भारतीय संस्कृति की गूंज अपने संबोधन में पीएम ने मणिपुर में सौर ऊर्जा और बांस हस्तशिल्प की सफलता की कहानियों को साझा किया। वहीं, उन्होंने दुबई में कन्नड़ पाठशाला और फिजी में तमिल दिवस मनाए जाने को भारतीय भाषाओं के वैश्विक प्रसार का प्रतीक बताया। उन्होंने काशी तमिल संगमम का उदाहरण देते हुए कहा कि अब उत्तर भारत के बच्चे भी तमिल भाषा में रुचि ले रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment
error: Content is protected !!