आयोग का बड़ा फैसला: राजस्थान में बढ़ती बिजली मांग के बीच 3200 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट पर सस्पेंस बरकरार, डिस्कॉम को दिए कड़े निर्देश

जयपुर। राजस्थान में भीषण गर्मी और तेजी से बढ़ती बिजली की मांग के बीच राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (RERC) ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने राजस्थान ऊर्जा विकास निगम द्वारा दायर की गई 3200 मेगावाट क्षमता के नए थर्मल पावर प्लांट से जुड़ी याचिका का निस्तारण तो कर दिया है, लेकिन नए प्लांट की मंजूरी को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार रखा है। आयोग के इस फैसले ने बिजली खरीद और भविष्य की योजनाओं को लेकर डिस्कॉम (Discoms) के सामने कड़ी शर्तें रख दी हैं।

आयोग का आदेश, बदलाव हुआ तो नए सिरे से होगा आकलन:-

विद्युत विनियामक आयोग ने स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि पहले से तय या प्रस्तावित बिजली खरीद प्रोजेक्ट्स को आंशिक या पूर्ण रूप से निरस्त किया जाता है, तो डिस्कॉम को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अतिरिक्त लॉन्ग टर्म बिजली खरीद पर नए सिरे से निर्णय लेना होगा। आदेश के मुताबिक, किसी भी नए प्रोजेक्ट को हरी झंडी देने से पहले विस्तृत आकलन और उपभोक्ता हित को प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा। आयोग ने साफ किया है कि भविष्य की औद्योगिक मांग, बढ़ती आबादी और बिजली खपत के बदलते पैटर्न को ध्यान में रखकर ही नई दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जाएं।

पुराने थर्मल प्लांट बंद होने पर और गहरा सकता है संकट:-

मामले में एक और बड़ा पेंच 1350 मेगावाट क्षमता वाले पुराने तापीय बिजलीघरों (Thermal Power Plants) को बंद करने के प्रस्ताव को लेकर है। आयोग ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इन पुराने प्लांटों को बंद करने से पहले एक विस्तृत तकनीकी अध्ययन की सख्त जरूरत है। अगर ये पुराने प्लांट बंद किए जाते हैं, तो राजस्थान में बिजली की किल्लत और अधिक बढ़ जाएगी, जिससे निपटने के लिए अतिरिक्त बिजली की आवश्यकता होगी। साथ ही, इससे ग्रिड की स्थिरता और राज्य की पूरी आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव का भी बारीकी से आकलन करना होगा।

फिलहाल RAP-2025 ही आधार, हर साल देना होगा लेखा-जोखा:-

ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, आयोग ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की रिपोर्ट को आधार मानते हुए इस याचिका का निपटारा किया है, लेकिन 3200 मेगावाट के नए थर्मल पावर प्लांट की सीधी मंजूरी पर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। आयोग ने निर्देश दिया है कि फिलहाल आरएपी-2025 (RAP-2025) के आधार पर ही राज्य की बिजली योजनाएं बनाई जाएंगी। इसके साथ ही, डिस्कॉम को अब हर साल भविष्य की बिजली जरूरत का एक नया और सटीक आकलन तैयार कर आयोग के समक्ष पेश करना होगा, ताकि समय रहते बदलती मांग के अनुसार बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जा सके और जनता को अघोषित बिजली कटौती से बचाया जा सके।

ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now

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