स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: उदयपुर संभाग की कार्यशाला सम्पन्न; ‘कचरा मुक्त शहर’ और ‘सतत स्वच्छता’ पर रहेगा विशेष फोकस

उदयपुर, स्वच्छता की रैंकिंग में राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ शुक्रवार को उदयपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में एक महत्वपूर्ण आमुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 (10वें संस्करण) के नए टूल किट और मानकों पर केंद्रित थी।

“प्रतिदिन फील्ड में उतरें अधिकारी” — रवि जैन

स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन ने संभाग के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।

  • निरीक्षण: अधिकारी प्रतिदिन अपने क्षेत्रों में भ्रमण करें और सफाई व्यवस्था का जायजा लें।
  • फीडबैक: आमजन से सीधे संवाद कर स्वच्छता का फीडबैक लेना सुनिश्चित करें।
  • समन्वय: विभिन्न विभागों के साथ प्रभावी तालमेल बिठाकर मॉनिटरिंग को दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाएं।

स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26: 12,500 अंकों की चुनौती

स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के निदेशक जुईकर प्रतीक चन्द्र शेखर ने इस वर्ष के सर्वेक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस वर्ष का सर्वेक्षण कुल 12,500 अंकों का होगा, जिसमें निम्नलिखित मानकों पर विशेष जोर दिया गया है:

  • दृश्य स्वच्छता (Visible Cleanliness): सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न दिखना।
  • कचरा पृथक्करण: घर-घर से गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग संग्रह और उनकी साइंटिफिक प्रोसेसिंग।
  • वाटर प्लस सिटी: उपयोग किए गए जल (Grey Water) का प्रबंधन और शोधन।
  • सफाई मित्र कल्याण: स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और उनके कल्याणकारी कार्यक्रमों का क्रियान्वयन।
  • डम्प साइट रिमेडिएशन: पुराने कचरे के ढेरों (Legacy Waste) का पूर्ण निस्तारण।

स्कूलों और नागरिकों की होगी अहम भूमिका

कार्यशाला में बताया गया कि इस बार स्कूलों की स्वच्छता के लिए 500 अंक निर्धारित किए गए हैं। साथ ही, सिटीजन फीडबैक के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग बढ़ाया जाएगा। इस वर्ष की थीम “स्वच्छता की नई पहल- बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ” के तहत साल भर नागरिकों से फीडबैक लिया जाएगा।


कार्यशाला में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस अवसर पर नगर निगम उदयपुर के आयुक्त अभिषेक खन्ना, उदयपुर संभाग के उप निदेशक (क्षेत्रीय) सहित संभाग के सभी नगरीय निकायों के आयुक्त, अधिशासी अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक उपस्थित रहे।


प्रमुख आंकड़े और लक्ष्य: एक नज़र में

मानकविवरण
कुल अंक12,500
संस्करण10वां (स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26)
नया घटकस्कूल स्तर का मूल्यांकन (500 अंक)
मुख्य लक्ष्यकचरा मुक्त शहर (GFC) और वाटर प्लस प्रमाणीकरण
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