‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’… SDRF के जवानों ने मैदान में दिखाया दम, साइकिल से दिया फिटनेस का संदेश
तीन दिन तक गाडोता मुख्यालय में खेल और फिटनेस का जुनून, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को डिजिटल श्रद्धांजलि; ‘29 चैलेंज’ से लेकर ‘संडे ऑन साइकिल’ तक जवानों ने लिया हिस्सा
जयपुर। आपदा के समय जिंदगी बचाने के लिए जान की बाजी लगाने वाले राजस्थान एसडीआरएफ के जवान रविवार को अलग ही अंदाज में नजर आए। हाथों में राहत-बचाव के उपकरणों की जगह खेल का जोश था और चुनौती थी खुद को शारीरिक व मानसिक रूप से और मजबूत बनाने की। मौका था राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 का। ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ थीम के तहत एसडीआरएफ राजस्थान ने 28 से 30 अगस्त तक तीन दिवसीय खेल एवं फिटनेस कार्यक्रम आयोजित कर जवानों में फिटनेस, अनुशासन और टीम भावना का जोश भरा।

गाडोता स्थित एसडीआरएफ बटालियन मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रमों में जवानों ने विभिन्न खेल गतिविधियों में उत्साह के साथ भाग लिया। आपदा और आपातकालीन परिस्थितियों में लगातार कठिन चुनौतियों का सामना करने वाले एसडीआरएफ जवानों के लिए फिटनेस केवल खेल नहीं, बल्कि ड्यूटी की जरूरत है। इसी संदेश को कार्यक्रम के जरिए मजबूत किया गया।
मेजर ध्यानचंद को डिजिटल श्रद्धांजलि से हुआ आगाज
तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत 28 अगस्त को हॉकी के महान खिलाड़ी और ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद को डिजिटल श्रद्धांजलि के साथ हुई। इसके बाद जवानों के बीच ‘ऊर्जा से भरपूर 29 चैलेंज’, ‘पास द बॉल’ और ‘स्पोर्ट्स बंधन’ जैसी गतिविधियां कराई गईं। इन गतिविधियों में जवानों ने केवल अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं किया, बल्कि एक-दूसरे के साथ तालमेल, टीमवर्क और खेल भावना का भी परिचय दिया। मैदान पर जवानों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
‘एक घंटा खेल’ में मैदान पर उतरे जवान
29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘एक घंटा खेल, खेल के मैदान में’ अभियान के तहत विभिन्न खेल गतिविधियां आयोजित की गईं।
एसडीआरएफ कार्मिकों ने खेल मैदान में सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान फिटनेस के साथ अनुशासन और आपसी समन्वय पर जोर दिया गया।
एसडीआरएफ कमाण्डेन्ट रेवन्त दान, आईपीएस ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य कार्मिकों में शारीरिक दक्षता, मानसिक मजबूती, अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा कि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में एसडीआरएफ की भूमिका बेहद चुनौतीपूर्ण होती है। किसी भी आपदा के दौरान जवानों को लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ सकता है। ऐसे में उनका शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है।

रविवार को वर्दी के साथ दिखा साइकिलिंग का जुनून
तीन दिवसीय आयोजन का अंतिम दिन भी खास रहा। 30 अगस्त को ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के तहत दौड़ और साइकिल यात्रा आयोजित की गई।
एसडीआरएफ जवानों ने उत्साह के साथ दौड़ और साइकिलिंग में हिस्सा लिया। इस गतिविधि के जरिए नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
साइकिल यात्रा का एक दूसरा महत्वपूर्ण संदेश भी था—पर्यावरण संरक्षण। नियमित जीवन में साइकिलिंग को बढ़ावा देकर फिटनेस के साथ प्रदूषण कम करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अपील की गई।

आपदा से लड़ने वालों के लिए फिटनेस सबसे बड़ा हथियार
एसडीआरएफ जवानों का काम सामान्य पुलिसिंग से अलग है। बाढ़, भूकंप, भवन हादसे, सड़क दुर्घटना या अन्य आपदाओं के दौरान उन्हें मुश्किल हालात में राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ता है। कई बार सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना उनकी जिम्मेदारी होती है।
ऐसे में शारीरिक क्षमता के साथ मानसिक मजबूती और टीम के साथ तालमेल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन ने इसी फिटनेस कल्चर को मजबूत करने का संदेश दिया।
तीन दिन, एक संदेश—फिट रहेंगे तो जीतेंगे
28 अगस्त को डिजिटल श्रद्धांजलि और खेल गतिविधियों से शुरू हुआ आयोजन 29 अगस्त को ‘एक घंटा खेल’ और 30 अगस्त को ‘संडे ऑन साइकिल’ तक पहुंचा।
पूरे आयोजन का मूल संदेश एक ही रहा—खेल केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि स्वस्थ और अनुशासित जीवन की आधारशिला है।
एसडीआरएफ राजस्थान के इस आयोजन में कार्मिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर ‘खेलेगा भारत, जीतेगा भारत’ थीम को सार्थक किया।
कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि देश और प्रदेश की सुरक्षा तथा आपदा राहत में जुटे जवानों के लिए फिटनेस कोई विकल्प नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और सफलता का अहम आधार है।
खेल का मैदान हो या आपदा का मोर्चा—फिट जवान ही सबसे मजबूती से मुकाबला कर सकता है।