जयपुर: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है. कृषि व्याख्याता परीक्षा-2022 और आरएएस-2018 (RAS-2018) भर्ती मामले में गिरफ्तार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा की रिमांड अवधि आज (शनिवार) खत्म हो रही है. रिमांड खत्म होने के बाद SOG आज कटारा को कोर्ट में पेश करेगी. इस अहम सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी कोर्ट के सामने कई चौंकाने वाले और महत्वपूर्ण खुलासे कर सकती है.
SOG की रिमांड खत्म, डूंगरपुर ले जाकर पूछताछ की तैयारी
SOG ने कोर्ट से बाबूलाल कटारा की 16 मई तक की रिमांड मांगी थी. जांच अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ने के लिए आरोपी कटारा को डूंगरपुर ले जाकर पूछताछ करना चाहते हैं.
- कटारा के साथ ही उसके भांजे विजय डामोर को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया था.
- इस पूरे नेटवर्क में पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष और सदस्य शिव सिंह राठौड़ भी गंभीर सवालों के घेरे में हैं और उनसे भी पूछताछ का सिलसिला जारी है.
‘मैं मनोरोगी हूं’ – कोर्ट में कटारा की अजीब दलील
पिछली सुनवाई के दौरान जब SOG ने कटारा को डूंगरपुर ले जाने की अनुमति मांगी, तब आरोपी के वकील की ओर से कोर्ट में एक अजीब दलील पेश की गई.
बचाव पक्ष के अधिवक्ता भानु प्रकाश शर्मा ने तर्क दिया:
“बाबूलाल कटारा मनोरोगी हैं और इसके लिए पहले एक मेडिकल बोर्ड का गठन भी किया जा चुका है. उन्हें नियमित चिकित्सीय सहायता की आवश्यकता है. SOG की ओर से उन्हें कोई उचित मेडिकल सहायता नहीं मिल रही है, जिससे हिरासत में उनकी तबीयत और अधिक बिगड़ सकती है.”
हालांकि, कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों को सुनने के बाद कटारा को SOG की रिमांड पर सौंप दिया था और साथ ही अनुसंधान अधिकारी को निर्देश दिए थे कि आरोपी को उचित चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए.
ओएमआर शीट और इंटरव्यू में खेल; पूर्व अध्यक्षों पर भी आरोप
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब कटारा द्वारा किए गए खुलासों की परतें खुलीं. इसी साल फरवरी में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जेल में बाबूलाल कटारा से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के दौरान कटारा ने आयोग के भीतर चल रहे एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया था.
कटारा के चौंकाने वाले खुलासे:
- पहले से तय होते थे नंबर: कटारा ने आरोप लगाया कि किस अभ्यर्थी को इंटरव्यू (साक्षात्कार) में कितने अंक देने हैं, यह आयोग के भीतर पहले से ही तय कर लिया जाता था.
- आयोग के दिग्गजों पर आरोप: कटारा ने पेपर लीक फर्जीवाड़े की इस गहरी साजिश में आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष व सदस्य शिव सिंह राठौड़, और दीपक उप्रेती समेत कई बड़े नामों पर संगठित रूप से फर्जीवाड़ा करने का सीधा आरोप लगाया है.
- OMR शीट में हेराफेरी: पूछताछ में यह भी सामने आया है कि परीक्षाओं के बाद ओएमआर शीट (OMR Sheet) और आंसर शीट में भी बड़े पैमाने पर हेरफेर और फर्जीवाड़ा किया जाता था.
आज की पेशी पर टिकीं सबकी नजरें
आज शनिवार को होने वाली कोर्ट पेशी राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक हलकों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है. SOG अब तक की पूछताछ में मिले सबूतों और बाबूलाल कटारा व उसके भांजे विजय डामोर के बयानों को कोर्ट के समक्ष रख सकती है. माना जा रहा है कि SOG इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों या नए आरोपियों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती है.
