जयपुर: राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनावों की आहट के बीच राज्य सरकार ने रोजगार और शहरी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के 183 नगर निकायों में कुल 24,752 संविदा सफाई कर्मचारियों की बंपर भर्ती की जाएगी। इस भर्ती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें आवेदन के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की शर्त नहीं रखी गई है, हालांकि आवेदक के पास सफाई कार्य का कम से कम एक साल का अनुभव होना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन प्रक्रिया
- आवेदन की शुरुआत: ऑनलाइन आवेदन 15 अगस्त से 28 सितंबर तक भरे जाएंगे।
- आवेदन का माध्यम: अभ्यर्थी राजस्थान स्वायत्त शासन निदेशालय की वेबसाइट या अपनी एसएसओ (SSO) आईडी के जरिए आवेदन कर सकेंगे।
- अनिवार्य दस्तावेज: आवेदन करते समय लाइव फोटो अपलोड करना और जनआधार कार्ड संख्या देना अनिवार्य किया गया है। फर्जी अनुभव प्रमाण-पत्र या गलत जानकारी पाए जाने पर आवेदन निरस्त करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
चयन प्रक्रिया और मानदेय
- आयु सीमा: इस भर्ती में 21 से 40 वर्ष की आयु के अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे।
- मानदेय: चयनित अभ्यर्थियों को प्रतिमाह 7,410 रुपये मानदेय दिया जाएगा।
- चयन का आधार: दस्तावेजों की जांच के बाद सफल अभ्यर्थियों का चयन पूरी तरह से लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभ्यर्थी केवल एक ही नगर निकाय से आवेदन कर सकेंगे।
आरक्षण और प्रमुख शहरों में पदों का गणित
इस भर्ती में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, एमबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्गों को नियमानुसार आरक्षण मिलेगा। इसके साथ ही महिलाओं के लिए 30%, दिव्यांगों के लिए 4% और उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए 2% क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है।
प्रदेश के प्रमुख नगर निकायों में पदों की स्थिति इस प्रकार है:
- जयपुर नगर निगम: 4,811 पद
- कोटा: 1,357 पद
- बीकानेर: 1,084 पद
- जोधपुर: 890 पद
- सीकर: 480 पद
- भरतपुर: 450 पद
- अलवर: 426 पद
- भिवाड़ी: 350 पद (इसके अलावा धौलपुर, चूरू, श्रीगंगानगर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर, झुंझुनूं, पाली सहित अन्य निकायों में भी बड़े पैमाने पर पद आरक्षित किए गए हैं।)
चुनावी साल से ठीक पहले आए इस बड़े ऐलान को राजनीतिक गलियारों में भी काफी अहम माना जा रहा है, जहां एक ओर सरकार इसे शहरी सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने का जरिया बता रही है, वहीं दूसरी ओर इसे एक बड़े रोजगार अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
