महिला अपराधियों पर राजस्थान पुलिस का वज्रपात: 5 जिलों के 10 बड़े मामलों में दरिंदों को रिकॉर्ड तोड़ सजाएं

जयपुर। महानिदेशक/महानिरीक्षक पुलिस सम्मेलन की महत्वपूर्ण अनुशंसाओं की पालना में राजस्थान पुलिस ने महिला अत्याचार और पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए अपराधियों के खिलाफ एक बड़े अभियान को अंजाम दिया है। प्रदेश के 5 प्रमुख जिलों—जैसलमेर, जालोर, श्रीगंगानगर, धौलपुर और जयपुर ग्रामीण—में महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ गंभीर अपराध करने वाले दरिंदों को माननीय अदालतों ने रिकॉर्ड तोड़ ऐतिहासिक सजाएं सुनाई हैं। पुलिस की त्वरित जांच और मजबूत अदालती पैरवी के चलते दोषियों को आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक जेल) और 20-20 साल के कठोर कारावास जैसी सख्त सजाएं मिली हैं।

जिलावार 10 बड़े मामलों की क्राइम-रिपोर्ट और सजा का ब्योरा

1. जिला जैसलमेर: मासूमों से हैवानियत करने वाले अब जेल में ही मरेंगे

  • मामला 1 (थाना नाचना): 3 वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के इस संवेदनशील मामले में जैसलमेर पुलिस ने अद्वितीय तत्परता दिखाई। पुलिस ने मात्र 10 दिनों में वैज्ञानिक अनुसंधान पूरा कर घटना के 18वें दिन ही कोर्ट में चालान पेश कर दिया। इसके फलस्वरूप पोक्सो कोर्ट ने दरिंदे को आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के आर्थिक दंड से दंडित किया।
  • मामला 2 (थाना सांकड़ा): 5 वर्षीय बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर सुनसान मकान में ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास करने वाले 48 वर्षीय आरोपी पुरुषोत्तम को पोक्सो कोर्ट ने त्वरित सुनवाई करते हुए मरते दम तक जेल (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई है।
  • मामला 3 (थाना फलसुंड): नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और अनैतिक कार्य की आशंका के मामले में प्रभावी पैरवी के बाद दोषी को 3 वर्ष का कठोर कारावास और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

2. जिला जालोर: शौच और स्कूल जाती बच्चियों को निशाना बनाने वालों को 20-20 साल की जेल

  • मामला 4 (थाना झाब): नाबालिग पीड़िता को शौच जाते समय बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और बलात्कार करने के गंभीर मामले में माननीय न्यायालय ने पुख्ता सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी को 20 साल की कठोर सजा सुनाई।
  • मामला 5 (थाना झाब): स्कूल जा रही नाबालिग बच्ची का मोटरसाइकिल पर अपहरण करने, जबरन घर ले जाकर वीडियो बनाने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर ब्लैकमेल करने के सनसनीखेज मामले में पुलिस की मजबूत पैरवी से न्यायालय ने दोषी को 20 साल की जेल दी।
  • मामला 6 (थाना बागरा): नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले मे कोर्ट ने दोषी को 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50,000 रुपये अर्थदण्ड की भारी सजा से दंडित किया।

3. जिला श्रीगंगानगर: दहेज हत्या के आरोपियों को ₹1-1 लाख का जुर्माना और उम्रकैद

  • मामला 7 (थाना सदर): दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को मानसिक-शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने और अंततः उसकी हत्या करने के मामले में विशिष्ट महिला एवं दहेज उत्पीड़न कोर्ट ने मुख्य आरोपी राकेश कुमार और सह-आरोपी महावीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 1-1 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।

4. जिला धौलपुर: नाबालिग से ज्यादती करने वाले सलमान को 20 साल की कैद

  • मामला 8 (महिला थाना धौलपुर): नाबालिग बालिका के साथ जबरन बलात्कार करने के मामले में पुलिस ने डीएनए और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ केस पेश किया। इसके आधार पर न्यायालय ने आरोपी सलमान उर्फ लबेदू पुत्र इलियास को 20 वर्ष का कठोर कारावास और 6,500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

5. जिला जयपुर ग्रामीण: होटल में डराने वाले विकास स्वामी को ₹1.75 लाख का जुर्माना

  • मामला 9 (थाना गोविन्दगढ़): नाबालिग लड़की को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान होटल में ले जाने और डरा-धमकाकर बलात्कार करने के मामले में पोक्सो कोर्ट जयपुर ने सबसे कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने आरोपी विकास कुमार स्वामी को 20 वर्ष की सजा और 1.75 लाख रुपये के भारी जुर्माने की सजा सुनाई।
  • मामला 10 (थाना अमरसर): नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस की पुख्ता केस डायरी के चलते दोषी मोहन लाल कुमावत को अदालत ने 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा देकर जेल भेजा।

राजस्थान पुलिस का ध्येय: “अपराधियों में डर, आमजन में विश्वास”

इस रिकॉर्ड-तोड़ सजा के बारे में बात करते हुए पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का मुख्य ध्येय केवल केस दर्ज करना नहीं, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना है। युवाओं को कानूनों के प्रति सजग करना, बालिकाओं में सुरक्षा का भाव पैदा करना और अपराधियों के मन में कानून का ऐसा खौफ पैदा करना कि वे अपराध करने से पहले कांप जाएं—यही पुलिस का ध्येय है।

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