सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना में बूंदी प्रशासन सख्त; पुलिस, वन और खनिज विभाग की संयुक्त टीमें करेंगी चंबल में डे-नाइट पेट्रोलिंग

बूंदी। राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र के पर्यावरण और दुर्लभ जीवों की सुरक्षा को लेकर बूंदी जिला प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपना लिया है। चंबल नदी और उसके आस-पास के क्षेत्रों में अवैध बजरी खनन व इसके अवैध परिवहन की प्रभावी रोकथाम के लिए शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव की अध्यक्षता में ‘जिला स्तरीय टास्क फोर्स’ की एक हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई।

बैठक में माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) के नियमों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करने के लिए जिला कलक्टर ने दो टूक निर्देश दिए कि खनन और परिवहन कार्य में प्रयुक्त होने वाले सभी भारी वाहनों में जीपीएस (GPS) सिस्टम लगा होना अब अनिवार्य होगा। यदि कोई भी वाहन बिना जीपीएस के पाया जाता है, तो परिवहन विभाग उसे तुरंत जब्त करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाएगा।

चार विभागों की संयुक्त टीमें संभालेंगी मोर्चा

बैठक में जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने निर्देश दिए कि केवल कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर असर दिखना चाहिए। इसके लिए पुलिस, वन, खनिज (माइंस) और राजस्व विभाग की संयुक्त पेट्रोलिंग टीमें गठित की गई हैं। कलक्टर ने स्पष्ट किया कि इन टीमों के पास आधुनिक हथियार, गाड़ियां और पर्याप्त तकनीकी संसाधन उपलब्ध रहने चाहिए, ताकि वे बीहड़ों और चंबल घड़ियाल अभयारण्य क्षेत्र में नियमित और सतत (Continuous) निगरानी बनाए रख सकें। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य की चुनौतियों और आवश्यकताओं को अभी से चिह्नित कर तय समय-सीमा में पूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

CCTV और अभय कमांड से होगी ‘तीसरी आंख’ की निगरानी

बैठक के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक (SP) अवनीश कुमार शर्मा ने अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए बनाए गए नए डिजिटल चक्रव्यूह की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि चंबल बॉर्डर और संवेदनशील रास्तों पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाने के लिए रणनीतिक स्थानों का चयन पूरा कर लिया गया है। इन सभी कैमरों को जिला मुख्यालय के ‘अभय कमांड सेंटर’ से सीधे कनेक्ट किया जाएगा, जहां पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे हर एक संदिग्ध गतिविधि और बजरी से भरे ओवरलोड वाहनों पर लाइव नजर रखेंगे।

विभागआवंटित मुख्य जिम्मेदारी
परिवहन विभाग (DTO)बिना जीपीएस (GPS) वाले डंपर और भारी वाहनों को तुरंत सीज/जब्त करना।
पुलिस व अभय कमांडसीसीटीवी नेटवर्क के जरिए बजरी माफियाओं के रूट को ट्रैक करना।
वन व खनिज विभागअभ्यारण्य क्षेत्र की संवेदनशील सीमाओं पर संयुक्त डे-नाइट नाकाबंदी करना।

जनजागरूकता पर भी रहेगा विशेष फोकस

प्रशासन का मानना है कि केवल कानूनी डंडे से अवैध खनन नहीं रुक सकता, इसके लिए स्थानीय जनता की भागीदारी जरूरी है। जिला कलक्टर ने संबंधित उपखंड अधिकारियों को निर्देश दिए कि चंबल किनारे बसे गांवों में आम जनता को अवैध खनन से पर्यावरण और घड़ियालों को होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामकिशोर मीणा, उपखंड अधिकारी (बूंदी) लक्ष्मीकांत मीणा, एसीएफ (RVTR) संतोष कुमार मंगल, खनिज अभियंता प्रथम प्रशांत बेदवाल, खनिज अभियंता द्वितीय सहदेव सारण, जिला परिवहन अधिकारी सौम्या शर्मा तथा जिला रसद अधिकारी देवराज रवि सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

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