जोधपुर, प्रदेश के संसदीय कार्य, विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने रविवार को जोधपुर जिले की नवसृजित ग्राम पंचायत सेनाई (पंचायत समिति धवा) में विकास कार्यों की झड़ी लगा दी। मंत्री पटेल ने यहाँ 25 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया और एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं का खाका पेश किया।
मनरेगा में बड़ा बदलाव: 100 की जगह अब 125 दिन काम
जनसभा को संबोधित करते हुए विधि मंत्री ने रोजगार के क्षेत्र में हुए ऐतिहासिक बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:
- रोजगार गारंटी: मनरेगा के तहत अब 100 दिन के स्थान पर 125 दिन के रोजगार की गारंटी दी जा रही है। यह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन’ के तहत संभव हुआ है।
- मजदूरी भुगतान में सख्ती: यदि श्रमिक को 15 दिन के भीतर मजदूरी का भुगतान नहीं होता है, तो उसे देरी के लिए अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाएगा।
- बेरोजगारी भत्ता: यदि किसी कारणवश रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता, तो पहले के मुकाबले अधिक पुख्ता बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान किया गया है।
स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
मंत्री पटेल ने राज्य सरकार की स्वास्थ्य उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब तक 35 लाख लोगों को 6,860 करोड़ रुपये की कैशलेस सुविधा मिली है।
- लूणी क्षेत्र को सौगात: लूणी विधानसभा क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं के लिए 70 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
- ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट: धवा एवं केरू में आधुनिक स्वास्थ्य इकाइयों का निर्माण तेजी से चल रहा है।
- पेंशन में वृद्धि: सामाजिक सुरक्षा पेंशन को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
‘विकसित भारत-जी राम जी’ कानून पर भ्रम दूर करने की अपील
संसदीय कार्य मंत्री ने नए कानून ‘विकसित भारत-जी राम जी’ की महत्ता बताते हुए कहा कि यह कानून पुरानी कमियों को दूर कर व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए लाया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस कानून को लेकर फैलाए जा रहे किसी भी भ्रम में न आएं और सही जानकारी को गांव-गांव तक पहुंचाएं।
ग्रामीणों ने जताया आभार
सेनाई को नई ग्राम पंचायत बनाने की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मंत्री जोगाराम पटेल का साफा पहनाकर स्वागत किया और आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायती राज का यह पुनर्गठन जनभावनाओं के अनुरूप है।
