-आयकर विभाग के सर्वे में बड़ा खुलासा— 56 फर्जी फर्मों और 1495 से ज्यादा प्रमाण-पत्रों की जांच में घोर अनदेखी
-शेल कंपनियों और फर्जी रेमिटर्स के जरिए 722 करोड़ से ज्यादा का संदिग्ध लेनदेन; पुलिस ने शुरू की गहन जांच
-अकेले एक नाम से 610 करोड़ के 990 लेनदेन, शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और सॉफ्टवेयर कंपनियों की आड़ में हुआ फर्जीवाड़ा
जयपुर/रायसिंहनगर। देश से विदेशों में अवैध तरीके से करोड़ों रुपये की भारी-भरकम धनराशि भेजने के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। आयकर विभाग द्वारा रायसिंहनगर में की गई एक बड़ी कार्रवाई के बाद एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के खिलाफ फर्जी कंपनियों और शेल संस्थाओं के जरिए विदेश में अनियमित रूप से पैसे भेजने के आरोप में पुलिस में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस पूरे फर्जीवाड़े में 700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। आयकर विभाग (श्रीगंगानगर) के उपनिदेशक कन्हैया लाल मीणा की लिखित शिकायत पर रायसिंहनगर पुलिस थाने में सीए शेरिल गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी सहित कानून की विभिन्न गंभीर धाराओं में नामजद केस दर्ज किया गया है।
18 अगस्त को आयकर विभाग ने मारा था छापा:-
‘Expose Now’ को मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, जयपुर से आई आयकर विभाग की विशेष विंग ने 18 अगस्त को रायसिंहनगर की पुरानी धान मंडी स्थित अंबिका आयरन स्टोर की दुकान पर बने सीए कार्यालय में विस्तृत सर्वे की कार्रवाई की थी। इस सर्वे के दौरान ऐसे चौंकाने वाले दस्तावेज हाथ लगे, जिसने विभाग के अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए।
15CB प्रमाण-पत्रों की आड़ में हुआ खेल:-
दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि सीए कार्यालय से कुल 1,674 ‘फॉर्म 15CB’ प्रमाण-पत्र जारी किए गए थे। विदेश में राशि ट्रांसफर करने के लिए जारी होने वाले इन प्रमाण-पत्रों से पहले आवश्यक दस्तावेजों और नियमों की अनिवार्य जांच को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, 56 रेमिटर्स (पैसे भेजने वाले) के 1,405 से अधिक प्रमाण-पत्रों की बिना किसी वैधानिक जांच-पड़ताल के ही मंजूरी दे दी गई। केवल 4 प्रमुख फर्मों और व्यक्तियों के नाम पर 1,151 लेनदेन दर्शाए गए हैं, जिनमें कुल 722 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का हिसाब दर्ज है।
फर्जी नामों और कंपनियों का सनसनीखेज ब्योरा:-
दर्ज FIR के अनुसार, कई संदिग्ध व्यक्तियों व संस्थाओं के माध्यम से भारी लेनदेन किए गए:
-अरशद खान: इसके नाम से 990 लेनदेन दर्शाए गए हैं, जिनमें कुल 610 करोड़ 55 लाख 30 हजार रुपये की राशि का लेनदेन हुआ।
-गणेश सखाराम: इसके नाम से 71 लेनदेन सामने आए हैं, जिनकी कुल राशि 44 करोड़ रुपये से अधिक है।
-एल कोमेटिडो मरीन शिपिंग: इसके नाम से 55 लेनदेन में 39 करोड़ 96 लाख 81 हजार 832 रुपये भेजे गए।
-बुलफ्रॉग लॉजिस्टिक्स: 35 लेनदेन में 28 करोड़ 17 लाख 35 हजार 588 रुपये की राशि का उल्लेख है।
देशभर से जुड़े हैं तार, पुलिस ने शुरू की पड़ताल:-
जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी लॉजिस्टिक्स, सॉफ्टवेयर, शिपिंग और इमिग्रेशन से जुड़ी दर्जनों इकाइयों से जुड़े हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर व्यापक जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच एसएसआई सुरेंद्र सिंह को सौंपी गई है और लेनदेन से जुड़े सभी तकनीकी व वित्तीय दस्तावेजों को कब्जे में लेकर खंगाला जा रहा है। आने वाले दिनों में इस बड़े नेटवर्क से जुड़े कई और सफेदपोशों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now