जल संरक्षण में तकनीक का नया अध्याय: मंत्री मदन दिलावर ने लॉन्च किया ‘कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल’

जयपुर, राजस्थान में जल स्वावलंबन और भू-संरक्षण के कार्यों को अधिक सटीक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए राज्य सरकार ने डिजिटल नवाचार का सहारा लिया है। सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान’ (MJSA) मोबाइल ऐप पर ‘कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल’ का विधिवत शुभारंभ किया।

इस अवसर पर पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी उपस्थित रहे। मंत्री दिलावर ने इस मॉड्यूल के निर्माण में विशेष सहयोग देने वाले 14 विशेषज्ञों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया।

क्या है ‘कर्मयोगी वाटरशेड मॉड्यूल’?

यह मॉड्यूल विभागीय अभियंताओं और कर्मचारियों के लिए एक ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करेगा। इसकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • प्रशिक्षण वीडियो: इसमें इंजीनियरिंग ढांचे, डीपीआर (DPR), गुणवत्ता नियंत्रण, टेंडर प्रक्रिया और RTPP नियमों जैसे जटिल विषयों को सरल भाषा में वीडियो के माध्यम से समझाया गया है।
  • विशाल डेटाबेस: वर्तमान में विभाग द्वारा तैयार 38 वीडियो के साथ-साथ, इसमें PMKSY वेबसाइट के 13 वीडियो और IIT रुड़की व खड़गपुर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के 77 तकनीकी वीडियो शामिल किए गए हैं।
  • सफलता की कहानियाँ: मॉड्यूल पर विभाग द्वारा संपादित विभिन्न सफल परियोजनाओं की ‘सक्सेस स्टोरीज’ भी उपलब्ध रहेंगी, जो नवाचार के लिए प्रेरित करेंगी।

“विशेषज्ञों द्वारा तैयार यह मॉड्यूल विभागीय कार्मिकों की कार्यक्षमता और दक्षता बढ़ाएगा। यह न केवल अभियंताओं के लिए बल्कि जल संरक्षण में रुचि रखने वाले आम नागरिकों के ज्ञानवर्धन के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।” — मदन दिलावर, पंचायती राज मंत्री

विभागीय योजनाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान दिलावर ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 (PMKSY 2.0) और ऑडिट पैरा सहित अन्य विभागीय योजनाओं की प्रगति जांची। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण के कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।

मिशन ज्ञान और विशेषज्ञों का सहयोग

इस मॉड्यूल का निर्माण मिशन ज्ञान और आईपीसीए फाउंडेशन के साथ हुए एक गैर-वित्तीय (Non-Financial) करार के तहत किया गया है। इसमें विभाग के सेवानिवृत्त और वर्तमान अभियंताओं ने स्वेच्छा से अपना अनुभव और ज्ञान साझा किया है।

बैठक में पंचायती राज विभाग के शासन सचिव डॉ. जोगाराम, जलग्रहण विकास विभाग के निदेशक मुहम्मद जुनैद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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