राज्यपाल ने कटियोर में ग्रामीणों से किया संवाद: बोले- “विकसित ग्रामों से ही बनेगा विकसित भारत”

बांसवाड़ा, राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने गुरुवार को बांसवाड़ा जिले के कटियोर गांव में ग्रामीणों और स्कूली बच्चों के साथ सीधा संवाद किया। गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (GGTU) द्वारा ‘विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व’ (USR) के तहत गोद लिए गए इस गांव में राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वावलंबन पर विशेष जोर दिया।


शिक्षा ही पिछड़ेपन से मुक्ति का मार्ग

संवाद के दौरान राज्यपाल ने कहा कि गरीबी और पिछड़ेपन को जड़ से मिटाने का एकमात्र सशक्त माध्यम शिक्षा है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को शिक्षित बनाने पर सर्वोपरि ध्यान दें। राज्यपाल ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक शिक्षित समाज ही राष्ट्र की असली मजबूती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए ‘पशुपालन और जैविक खेती’ मंत्र

राज्यपाल बागडे ने ग्रामीण समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए:

  • पशुपालन एवं डेयरी: दुग्ध व्यवसाय को आय का मुख्य स्रोत बनाने और छोटे आय स्रोतों को अपनाने की सलाह दी।
  • जैविक खेती: रासायनिक खाद के बजाय जैविक खाद के उपयोग पर जोर दिया।
  • पारंपरिक खेती: उन्होंने बैलों से खेती करने के लाभ गिनाते हुए कहा कि इससे जमीन की उर्वरता बनी रहती है और पौष्टिक अनाज की पैदावार होती है।

“बच्चों को भी गोद ले विश्वविद्यालय”

राज्यपाल ने गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. केशवसिंह ठाकुर को एक अभिनव सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल गांवों को ही नहीं, बल्कि वहां के प्रतिभावान बच्चों को भी गोद ले, ताकि उनके उज्जवल भविष्य के निर्माण में संबल मिल सके।

विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र

स्कूली बच्चों से बातचीत करते हुए राज्यपाल ने उनसे भविष्य के लक्ष्यों के बारे में पूछा। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि:

  1. नियमित पढ़ाई के साथ सामान्य ज्ञान और राष्ट्रीय मुद्दों से अपडेट रहें।
  2. प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पूर्ण निष्ठा और एकाग्रता के साथ तैयारी करें।
  3. जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत करें।

कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यपाल ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। बता दें कि विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व के चतुर्थ चरण में बांसवाड़ा के दो गांवों— कटियोर और चनावाला को गोद लिया गया है।

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