जयपुर, जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 के तीसरे दिन पर्यावरण और सतत विकास पर केंद्रित एक बेहद महत्वपूर्ण सत्र ‘वॉइसेज फॉर द प्लेनेट: क्रिएटिविटी, कैपिटल और क्लाइमेट एक्शन’ संपन्न हुआ। इस चर्चा में ग्रैमी विजेता संगीतकार रिकी केज और आइवीकैप (IvyCap) के संस्थापक विक्रम गुप्ता ने भाग लिया। सत्र का संचालन साइबर मीडिया ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप गुप्ता ने किया।
संगीत: पर्यावरण चेतना का प्रभावी माध्यम
प्रसिद्ध संगीतकार और पर्यावरणविद् रिकी केज ने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह जटिल पर्यावरणीय समस्याओं के संदेश को आमजन के दिलों तक पहुँचाने का सबसे प्रभावी जरिया है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय केवल जागरूकता फैलाने का नहीं, बल्कि ठोस और व्यावहारिक कदम उठाने का है।
स्टार्टअप्स के लिए SDG लक्ष्यों की अनिवार्यता
रिकी केज ने उभरते उद्यमियों और स्टार्टअप्स को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी व्यावसायिक योजनाओं को संयुक्त राष्ट्र के 17 सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) के अनुरूप ढालना चाहिए। ये लक्ष्य पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाने का वैश्विक रोडमैप हैं।
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ग्रीन एनर्जी और आत्मनिर्भर भारत
चर्चा को आगे बढ़ाते हुए विक्रम गुप्ता ने कहा कि भारत स्वच्छ ऊर्जा (Green and Renewable Energy) के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा:
- क्रिएटिविटी कैपिटल: नवाचार और कला के क्षेत्र में निवेश कर जलवायु संरक्षण के नए समाधान विकसित किए जा सकते हैं।
- आत्मनिर्भरता: भारतीय कंपनियाँ अब केवल नीतिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि तकनीक के माध्यम से भी पर्यावरण संतुलन में योगदान दे रही हैं।
विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि जब रचनात्मकता (Creativity) को निवेश (Capital) का साथ मिलता है, तो जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों का समाधान आसान हो जाता है।
प्रमुख बिंदु (Highlights):
- संगीत की शक्ति: पर्यावरण संरक्षण के लिए संगीत को एक प्रेरक शक्ति के रूप में उपयोग करने पर बल।
- SDG 2030: स्टार्टअप्स को वैश्विक मानकों के अनुसार सतत विकास लक्ष्यों पर काम करने का आह्वान।
- निवेश और नवाचार: ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ाने की जरूरत।
