जयपुर, जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के तीसरे दिन उपभोक्ता प्लेटफॉर्म्स के बदलते स्वरूप पर गंभीर मंथन हुआ। मुग्धा हॉल में आयोजित सत्र ‘फ्रॉम क्लिक्स टु केयर: द फ्यूचर ऑफ कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स’ में विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को केवल तकनीक तक सीमित न रहकर ‘केयर’ (देखभाल) और ‘ट्रस्ट’ (विश्वास) पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
तकनीकी मध्यस्थ से आगे बढ़ने की जरूरत
ट्रूवर्थ वेलनेस के फाउंडर राजेश मुंदड़ा के साथ हुई इस पैनल चर्चा में शिपरॉकेट के क्रॉस बॉर्डर कॉमर्स के सीईओ अक्षय गुलाटी और टाटा 1 एमजी के संस्थापक प्रशांत टंडन ने अपने विचार साझा किए। पैनल ने स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म्स को अब ‘पैसिव टेक मिडिएटर’ यानी केवल एक जरिया बनने के बजाय ग्राहकों की संतुष्टि और उनकी समस्याओं की पूर्ण जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
‘क्लिक्स’ से एंगेजमेंट, ‘केयर’ से रिटेंशन
विशेषज्ञों ने व्यापार वृद्धि के लिए एक नया दृष्टिकोण पेश किया:
- क्लिक्स (Clicks): ये केवल यूजर एंगेजमेंट और शुरुआती पहुंच बढ़ाते हैं।
- केयर (Care): यह उपभोक्ता को आपके साथ जोड़े रखता है (Retention)। जब ग्राहक को ‘केयर’ का अनुभव होता है, तो वह सस्ते विकल्पों की उपलब्धता के बावजूद भी आपके प्लेटफॉर्म पर भुगतान करने के लिए तैयार रहता है।
कंज्यूमर-फर्स्ट और सेलर-फर्स्ट कल्चर
चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि एक सफल इकोसिस्टम बनाने के लिए ‘कंज्यूमर-फर्स्ट’ के साथ-साथ ‘सेलर-फर्स्ट’ कल्चर विकसित करना अनिवार्य है। इसमें जवाबदेही, आपसी सम्मान और निरंतर सेवा का समावेश होना चाहिए। जैसे-जैसे व्यवसाय का विस्तार होता है, इस सेवा भाव (Care) को मजबूत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेस (SOP) और सिस्टम्स के माध्यम से सुदृढ़ किया जा सकता है।
“सफलता का पैमाना अब केवल अल्पकालिक वृद्धि (Short-term growth) नहीं है, बल्कि वास्तविक दुनिया में पड़ने वाला सकारात्मक प्रभाव और ग्राहकों का अटूट विश्वास है।” – पैनल विशेषज्ञ
