पीएम-कुसुम योजना: अन्नदाता बन रहे ऊर्जादाता, मुख्य सचिव ने कोटपूतली-बहरोड़ में सौर ऊर्जा संयंत्रों का किया अवलोकन

जयपुर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बानसूर उपखंड स्थित भूपसेड़ा गांव का दौरा किया। यहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) के तहत स्थापित सौर ऊर्जा संयंत्रों का अवलोकन किया। मुख्य सचिव ने कहा कि ये संयंत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित हो रहे हैं और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में राजस्थान को नई गति प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के विजन को मिल रही मजबूती

मुख्य सचिव ने कहा कि राजस्थान को ऊर्जा उत्पादन में ‘सरप्लस’ राज्य बनाने के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन को साकार करने में कुसुम योजना की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से किसान अब केवल फसल ही नहीं उगा रहे, बल्कि बिजली पैदा कर ‘ऊर्जादाता’ भी बन रहे हैं। इससे किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली मिल रही है।

राजस्थान का देश में दबदबा

कार्यक्रम के दौरान मुख्य सचिव ने गौरव के साथ साझा किया कि राजस्थान कुसुम कंपोनेंट-ए में देश में पहले स्थान पर और कंपोनेंट-सी में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने भूपसेड़ा के प्रगतिशील किसान बलवीर सिंह मोगर का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सफलता से प्रेरित होकर क्षेत्र के कई अन्य किसान भी इस योजना से जुड़ चुके हैं।

2800 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित

राजस्थान डिस्कॉम्स की चेयरमैन आरती डोगरा ने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 2800 मेगावाट क्षमता की 1274 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं। इन परियोजनाओं के लाभ गिनाते हुए उन्होंने कहा:

  • प्रदेश के 1.75 लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।
  • विद्युत वितरण निगमों को सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध हो रही है।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और छोटे व्यवसाय पनप रहे हैं।

किसानों और ग्रामीणों से सीधा संवाद

मुख्य सचिव ने दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की, जहाँ सुखद परिणाम सामने आए:

  • देवकरण और अमीचन्द (किसान): उन्होंने बताया कि दिन में सिंचाई के लिए बिजली मिलने से अब कड़ाके की ठंड में रात को खेतों में जागना नहीं पड़ता।
  • नरेश और शेरसिंह (व्यवसायी): तेल मिल और आटा चक्की चलाने वाले ग्रामीणों ने कहा कि बिजली कटौती बंद होने से उनका उत्पादन और आमदनी बढ़ गई है।
  • तत्काल कनेक्शन: किसान अभयसिंह और राधेश्याम ने बताया कि कुसुम योजना के फीडरों से जुड़े होने के कारण उन्हें बिना लंबे इंतजार के तत्काल कृषि कनेक्शन मिल गया।

जिले की उपलब्धि

जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता मनोज गुप्ता ने बताया कि जिले में कुल 21 प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी क्षमता 49 मेगावाट है। इनसे हर महीने लगभग 61 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी और जिला पुलिस अधीक्षक देवेंद्र बिश्नोई सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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