बीकानेर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ‘ऊर्जा आत्मनिर्भरता’ की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ा रहा है। बीकानेर जिले के पूगल में 2,450 मेगावाट क्षमता के विशाल सोलर पार्क के विकास के लिए ऑनलाइन निविदा (Tender) जारी कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सौर ऊर्जा के साथ-साथ विशालकाय बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा, जो इसे देश की सबसे आधुनिक परियोजनाओं में से एक बनाएगा।
17,000 करोड़ का निवेश और 1000 रोजगार
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से राजस्थान में लगभग 17,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश आएगा। इससे न केवल राज्य की बिजली आपूर्ति सुदृढ़ होगी, बल्कि लगभग 1,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- दो चरणों में विकास: * पहला भाग: 2,000 MW सौर ऊर्जा + 1,320 MW बैटरी स्टोरेज।
- दूसरा भाग: 450 MW सौर ऊर्जा + 280 MW बैटरी स्टोरेज।
- बैटरी एनर्जी स्टोरेज (BESS): कुल 1,600 MW क्षमता की बैटरी प्रणाली लगेगी, जिससे ‘पीक ऑवर्स’ (जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा हो) में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- जमीन आवंटन: राजस्थान सोलर पार्क डवलपमेंट कंपनी ने इसके लिए 4,394 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर दी है।
- 25 साल का अनुबंध: उत्पादित बिजली का 100% हिस्सा राजस्थान के डिस्कॉम्स द्वारा 25 वर्षों तक खरीदा जाएगा।
तकनीकी मानक और डेडलाइन
सरकार ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ‘अप्रूव्ड लिस्ट ऑफ मॉडयूल मैन्यूफैक्चरर्स’ (ALMM) सूचीबद्ध मॉड्यूल और साइबर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया है। साथ ही, अनुबंध हस्ताक्षर के 24 माह के भीतर ऊर्जा उत्पादन शुरू करना होगा।
महत्वपूर्ण तिथियां (Tender Schedule):
- साइट विजिट: 10 जनवरी 2026 से शुरू।
- प्री-बिड बैठक: 22 जनवरी 2026।
- बोली जमा करने की अंतिम तिथि: 09 मार्च 2026।
- बोली खोलना (Technical Bid): 12 मार्च 2026।
ऊर्जा मंत्री ने देश-विदेश के डेवलपर्स को इस परिवर्तनकारी पहल में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जो राजस्थान को भारत के ‘एनर्जी ट्रांजिशन’ का नेतृत्वकर्ता बनाएगा।
