Adopt a Heritage Scheme: जालोर दुर्ग और गागरोन फोर्ट समेत 15 स्मारक होंगे गोद दिए जाने की सूची में शामिल

राजस्थान सरकार द्वारा ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और उनके पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ योजना के तहत प्रदेश के 15 महत्वपूर्ण किलों, महलों और ऐतिहासिक बावड़ियों को निजी संस्थाओं, बड़े घरानों व सक्षम संगठनों को गोद देने की रूपरेखा तैयार की गई है। पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ने पहले चरण के लिए इन स्मारकों के नामों की सूची सरकार को भेज दी है।

कौन-से प्रमुख स्मारक हैं सूची में शामिल?

विभागीय योजना के अनुसार सभी 7 संभागों से स्मारकों के नाम मांगे गए थे, जिनमें से पहले चरण के लिए 15 स्मारकों का चयन किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • बीकानेर वृत्त: प्रारंभिक शासकों की छतरियां (राव बीकाजी की टेकरी)
  • जयपुर वृत्त: भर्तृहरी गुंबद-तिजारा (जिला खैरथल), फतेहजंग गुंबद (अलवर), और आभानेरी की भांडारेज बावड़ी (दौसा)
  • जोधपुर वृत्त: जालोर दुर्ग और जनाना महल-मंडोर
  • अजमेर वृत्त: किला फतेहगढ़, किला सरवाड़, और दुर्ग मालकोट (मेड़ता सिटी, नागौर)
  • कोटा वृत्त: रानीजी की बावड़ी (बूंदी), सुखमहल (बूंदी), केलवाड़ा दुर्ग (बारां), और गागरोन दुर्ग (झालावाड़)
  • भरतपुर वृत्त: किला वैर और तालाबाशाही बाड़ी (धौलपुर)

व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति और देखरेख

  • सलाहकार फर्म की मदद: इस योजना का मसौदा तैयार करने में विभाग एक बड़ी सलाहकार फर्म की मदद ले रहा है。 विभागीय अनुमति के साथ इन स्मारकों में व्यावसायिक गतिविधियों की छूट भी दी जाएगी।
  • नियंत्रण सरकार के पास: पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के निदेशक पंकज धीरेंद्र ने स्पष्ट किया है कि स्मारकों का नियंत्रण पूरी तरह सरकार के पास ही रहेगा। गोद लेने वाली संस्थाएं केवल इनकी सार-संभाल और पर्यटन के विकास में सहयोग करेंगी।
  • बजट की कमी मुख्य कारण: जानकारों के अनुसार, जब कई वर्षों से इन ऐतिहासिक स्मारकों की सार-संभाल के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, तब इन्हें निजी संस्थाओं को गोद देना ही एक बड़ा विकल्प उभरकर सामने आया है।

मंत्रिमंड की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद इस योजना को धरातल पर उतार दिया जाएगा।


👇 हमारी मुहिम से जुड़ें:

🛑 भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करें!

क्या आपके पास किसी घोटाले की पुख्ता जानकारी है? हमारे 'Secure Drop' पर भेजें। आप नाम बताएँ या पहचान छुपाएँ, यह आपकी मर्जी है। सच को दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।

🔗 सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करें

Share This Article
Leave a Comment