-बालेसर के सुनसान मकान में चल रहा था MD का ‘जहरीला कारोबार’
जोधपुर। जोधपुर के बालेसर में एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। एक सुनसान अधूरे मकान में चल रही थी ‘मौत की फैक्ट्री’, जहाँ से करोड़ों का जहर पूरे राजस्थान में सप्लाई करने की तैयारी थी। पश्चिमी राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बालेसर क्षेत्र के लूणावपुरा गांव में एक निर्माणाधीन मकान में चल रही ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। रविवार तड़के हुई इस मुठभेड़ में पुलिस ने 15 राउंड फायरिंग के बाद 6 तस्करों को दबोच लिया। मौके से करीब 176 किलो एमडी (मैफेड्रोन) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 90 करोड़ रुपये आंकी गई है।
15 राउंड फायरिंग और 90 करोड़ की बरामदगी:-
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने रविवार तड़के 3:30 बजे लूणावपुरा गांव में एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। जैसे ही टीम ने घेराबंदी की, तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में 15 राउंड गोलियां चलीं। दो तस्कर छत से कूदकर भागने की कोशिश में घायल भी हुए, लेकिन अंततः पुलिस ने घेराबंदी कर 6 आरोपियों को दबोच लिया।
बड़ी खेप, बड़ा खेल:-
इस रेड में जो बरामद हुआ है, वो प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है:
बरामद ड्रग्स: 176 किलोग्राम एमडी (MD)
बाजार कीमत: लगभग 90 करोड़ रुपये
गिरफ्तारी: 6 मुख्य आरोपी (तस्वीरों में देखें)
मास्टरमाइंड: हापुराम बिश्नोई, जो इस पूरे नेटवर्क का किंगपिन बताया जा रहा है।
एक्सक्लूसिव खुलासा: कैसे चल रहा था यह ‘काला साम्राज्य’?
Expose Now की पड़ताल में सामने आया कि तस्करों ने बड़ी चालाकी से इस काम को अंजाम देने के लिए एक मास्टरप्लान बनाया था। मकान निर्माणाधीन था, ताकि लोगों को लगे कि मजदूर काम कर रहे हैं। मजदूरों की आवाजाही की आड़ में ड्रग्स की सप्लाई होती थी। इस सुनसान मकान के लिए तस्कर 2.50 लाख रुपये महीना किराया दे रहे थे। आरोपी मकान की छत पर बैठकर नजर रखते थे कि कोई संदिग्ध या पुलिस तो नहीं आ रही। गिरोह में ‘नरेश बिश्नोई’ नाम का आरोपी ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल एक्सपर्ट का काम देख रहा था।
प्रशासन का एक्शन, मकान मालिक भी नपेंगे:-
ANTF के IG विकास कुमार ने बताया कि टीम पिछले कई दिनों से इस जगह पर नजर रखे हुए थी। कार्रवाई के वक्त टीम के सदस्यों को घंटों घुटनों के बल रेंगकर मकान तक पहुंचना पड़ा ताकि आहट न हो। पुलिस ने साफ कर दिया है कि केवल तस्कर ही नहीं, बल्कि भारी लालच में मकान किराए पर देने वाले मकान मालिक को भी आरोपी बनाया जाएगा।
