राजस्थान की राजधानी जयपुर आज भारतीय सेना के अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ का गवाह बन रही है। जयपुर स्थित साउथ वेस्टर्न कमांड में गुरुवार को आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। उनके साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान की मौजूदगी इस गौरवशाली अवसर को और भी खास बनाएगी। इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बनाने के लिए सेना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की गौरव गाथा पर आधारित एक विशेष फिल्म भी रिलीज की जाएगी, जो इस सैन्य अभियान की चुनौतियों और सफलता को दुनिया के सामने रखेगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर गुरुवार दोपहर से ही साउथ वेस्टर्न कमांड में सेना की उच्च स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हो चुकी है। इस कॉन्फ्रेंस में वे ही शीर्ष अधिकारी मौजूद हैं, जिन्होंने एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मोर्चा संभाला था। इनमें इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के डिप्टी चीफ (ऑपरेशन) लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन (DGMO) और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशन एयर मार्शल अवधेश कुमार और डायरेक्टर जनरल नेवल ऑपरेशन वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद शामिल हैं। इन अधिकारियों की उपस्थिति पिछले साल की रणनीतिक सफलता की यादों को ताजा कर रही है।
गौरतलब है कि ठीक एक साल पहले, 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था। पाकिस्तान से सटी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा और सैन्य रणनीतिक लिहाज से संवेदनशील होने के कारण राजस्थान इस पूरे ऑपरेशन का मुख्य केंद्र रहा था। यही कारण है कि सेना ने इस ऐतिहासिक अभियान की पहली वर्षगांठ मनाने के लिए राजस्थान की वीर धरा और जयपुर के साउथ वेस्टर्न कमांड को चुना है। यह आयोजन न केवल भारतीय सेना की ताकत को दर्शाता है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा के प्रति देश की अटूट प्रतिबद्धता को भी दोहराता है।
