उदयपुर, सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षेत्रीय समीक्षा कॉन्फ्रेंस का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। ‘सहकार से समृद्धि’ विजन को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित इस कॉन्फ्रेंस में सहकारिता क्षेत्र को पारंपरिक दायरे से बाहर निकालकर एक मजबूत, पेशेवर और व्यावसायिक मॉडल के रूप में विकसित करने का रोडमैप तैयार किया गया।
विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना: समयबद्ध लक्ष्य
समापन सत्र को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने अनाज भंडारण को मंत्रालय की सबसे महत्वाकांक्षी पहल बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहकारिता के माध्यम से भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ठोस लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं:
- सितंबर 2026 तक: 5 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता।
- सितंबर 2027 तक: 50 लाख मीट्रिक टन क्षमता वृद्धि का विशाल लक्ष्य।डॉ. भूटानी ने कहा कि पैक्स (PACS) सहकारी व्यवस्था की रीढ़ हैं और इनका डिजिटलीकरण एवं कम्प्यूटरीकरण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है।
‘भारत टैक्सी’: सहकारिता क्षेत्र का नया स्टार्टअप
सचिव ने कॉन्फ्रेंस में ‘भारत टैक्सी’ (Cooperative-run Taxi Service) जैसी नई पहलों का भी उल्लेख किया। यह सेवा निजी कैब एग्रीगेटर्स का एक सहकारी विकल्प बनेगी, जहाँ ड्राइवर केवल कर्मचारी नहीं बल्कि ‘मालिक’ की भूमिका में होंगे। उन्होंने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत नियमों को सरल बनाने और सदस्यता बढ़ाने पर जोर दिया।
राजस्थान का प्रदर्शन: निमोद और रामगढ़ मॉडल की चर्चा
कॉन्फ्रेंस के तकनीकी सत्र ‘सहकार से समृद्धि – पैक्स अहेड’ में राजस्थान की सहकारिता शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार आनन्दी ने राज्य का पक्ष रखा। उन्होंने राजस्थान की निमोद एवं रामगढ़ सहकारी समितियों के उत्कृष्ट कार्यों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे प्रदेश में पैक्स को सशक्त बनाने के लिए माइक्रो एटीएम, रूपे किसान क्रेडिट कार्ड और कम्प्यूटरीकरण पर काम किया जा रहा है।
प्रमुख सत्र और चर्चाएं
दो दिनों में कुल 12 सत्रों में विविध विषयों पर मंथन हुआ:
- सहकार स्टार्टअप इकोसिस्टम: युवाओं को सहकारिता से जोड़ने और नए बिजनेस मॉडल पर चर्चा।
- समूह एकीकरण: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और एफपीओ (FPOs) को पैक्स के साथ जोड़ना।
- उत्तर-पूर्वी राज्यों का विकास: दुर्गम क्षेत्रों में वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज का आदान-प्रदान।
- सफल कहानियाँ: मत्स्य एवं डेयरी समितियों के तकनीकी नवाचारों का प्रस्तुतीकरण।
कॉन्फ्रेंस के मुख्य निष्कर्ष: एक नज़र में
| बिंदु | विवरण |
| मुख्य विजन | सहकारिता को प्रोफेशनल और व्यावसायिक बनाना |
| रीढ़ की हड्डी | पैक्स (PACS) का पूर्ण कम्प्यूटरीकरण |
| अन्न भंडारण लक्ष्य | 2027 तक 50 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि |
| नई पहल | भारत टैक्सी और सहकारिता स्टार्टअप्स |
| सहभागी राज्य | राजस्थान, यूपी, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि |
समापन के बाद प्रतिनिधियों ने उदयपुर और राजसमंद की विभिन्न सहकारी समितियों का दौरा कर धरातल पर हो रहे कार्यों का अनुभव लिया। मंत्रालय के संयुक्त सचिव सिद्धार्थ जैन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए नई ऊर्जा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
