जयपुर, राजस्थान के पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को भारत के सुनहरे भविष्य का ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। उन्होंने कहा कि ‘कर्तव्य भवन’ में प्रस्तुत यह पहला बजट देश के समग्र विकास, आर्थिक प्रगति और ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा।
कृषि, पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
मंत्री श्री कुमावत ने विशेष रूप से कृषि और पशुपालन क्षेत्र के लिए किए गए प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा:
- स्मार्ट कृषि: एआई (AI) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
- पशुपालन और डेयरी: डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए बजटीय प्रावधान राजस्थान जैसे पशुपालन प्रधान राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
- ग्रामीण रोजगार: ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल के जरिए स्थानीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
स्वास्थ्य बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कुमावत ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करेगा।
- इमरजेंसी इंफ्रास्ट्रक्चर: हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना और जिला अस्पतालों का उन्नयन आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करेगा।
- मेडिकल टूरिज्म: राज्यों में पांच रीजनल हब की स्थापना से भारत वैश्विक चिकित्सा केंद्र के रूप में उभरेगा।
महिला और युवा सशक्तिकरण
मंत्री ने बताया कि बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया गया है:
- लखपति दीदी योजना: इस योजना के विस्तार से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार और स्थानीय बाजारों से जोड़ा जाएगा।
- बालिका शिक्षा: हर जिले में बालिका छात्रावासों का निर्माण उच्च शिक्षा की राह आसान करेगा।
- युवा स्टार्टअप: स्टार्टअप्स और एमएसएमई (MSME) क्षेत्र में प्रोत्साहन से युवाओं के लिए नए रोजगार पैदा होंगे।
औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास
कुमावत ने कहा कि देश की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करने के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग और बड़े टेक्सटाइल पार्कों की घोषणा की गई है। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये का निवेश औद्योगिक विकास को नई गति देगा।
“यह बजट राजस्थान सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रत्येक वर्ग की अपेक्षाओं को इस बजट में समाहित किया है।” — जोराराम कुमावत, कैबिनेट मंत्री
