कटराथल/सीकर। बेरी गांव से शुरू हुआ दूध के भाव बढ़ाने का जन जागरण अभियान अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है। पशुपालक अब ढाणी-ढाणी पहुंचकर इस अभियान का प्रचार कर रहे हैं और सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने का मन बना चुके हैं। सोमवार को कटराथल और आस-पास की विभिन्न ढाणियों में पशुपालकों की जबरदस्त सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें दूध के भाव न बढ़ाए जाने को लेकर भारी रोष व्यक्त किया गया।
कटराथल की ढाणियों में हुई जनसभाएं
सोमवार को इस जन जागरण अभियान के तहत कई प्रमुख स्थानों पर बैठकें आयोजित की गईं:
- मीलों की ढाणी
- ताराणी जोहड़ी
- भामूओं की ढाणी
- समधड़ी जोहड़ी
इन सभाओं में बड़ी संख्या में पुरुष और महिला पशुपालकों ने हिस्सा लिया और सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
पशुपालकों का आक्रोश और प्रमुख मांगें
सभाओं के दौरान पशुपालकों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया:
- खल-चूरी के बढ़ते दाम: पशुपालकों का कहना है कि पशु आहार (खल और चूरी) के दामों में बेतहाशा वृद्धि हुई है, जबकि दूध के भाव स्थिर हैं, जिससे पशुपालन घाटे का सौदा बन गया है।
- नकली दूध पर प्रतिबंध: किसान नेता विजेंद्र सिंह काजला ने सरकार से मांग की है कि नकली दूध की बिक्री पर सख्त कानून बनाकर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
- तुरंत भाव वृद्धि: दूध के खरीद मूल्य में तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की जाए।
महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व
इस आंदोलन में महिला पशुपालकों की भागीदारी भी जबरदस्त है। महिला कृषक लाडा देवी और छात्रा खुशी नेहरा ने महिलाओं को जागरूक करते हुए आह्वान किया कि वे आगामी दादिया की सभा में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। संचालक कृष्ण सुंडा ने भी किसानों को पशुपालन में आ रही तकनीकी और आर्थिक समस्याओं के प्रति जागरूक किया।
24 सितंबर को दादिया में महापंचायत
पशुपालकों ने अब सरकार से सीधे टकराव का ऐलान कर दिया है। सभी की निगाहें 24 सितंबर 2026 को दादिया में होने वाली पशुपालकों की विशाल सभा पर टिकी हैं। इस महापंचायत में पशुपालक सरकार के खिलाफ हल्ला बोलेंगे और दूध के भाव बढ़ाने के लिए आगामी रणनीति तय करेंगे।
सभाओं में मौजूद रहे प्रमुख लोग: इन जनसभाओं को चेतन डोरवाल, रेख सिंह गढ़वाल, बनवारी लाल नेहरा, रामकुमार ख्यालिया, झाबर ख्यालिया, राजू मंडीवाल और गणेश ख्यालिया सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में महावीर गढ़वाल, कालूराम कुमावत, हरफूल खीचड़, मुकेश भामू, भंवर ख्यालिया, प्रकाश गढ़वाल, संतरा, सीमा, सुमन, सरोज, लक्ष्मी, ललिता, पूजा, उर्मिला मील और मनी देवी सहित सैकड़ों पशुपालक उपस्थित रहे।