मंडरायल में ऐतिहासिक कलश यात्रा: 2100 महिलाओं ने सिर पर उठाए कलश, जय श्रीराम के उद्घोष से गूंजा पूरा शहर

करौली/मंडरायल, करौली जिले के मंडरायल उपखंड में रविवार को आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। यहाँ एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसके अंतर्गत ऐतिहासिक कलश यात्रा निकाली गई।

2100 महिलाओं ने उठाये कलश कार्यक्रम की शुरुआत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से हुई, जहाँ 2100 महिलाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा की शोभा बढ़ाई। कलश यात्रा शुरू होने से पूर्व विद्वान पंडितों ने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन संपन्न कराया। इसके बाद आराध्य देव भगवान श्रीराम के गगनभेदी जयकारों के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ।

भगवा रंग में रंगा शहर कलश यात्रा उपखंड के मुख्य मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान माहौल पूरी तरह धर्ममय हो गया। डीजे पर बजते धार्मिक गीतों पर हिंदू वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने जमकर नृत्य किया, जिससे यात्रा का रोमांच और बढ़ गया। हाथों में भगवा ध्वज और गले में भगवा दुपट्टा धारण किए युवाओं ने पूरे इलाके का माहौल रंगारंग बना दिया। जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया। माँ भवानी और श्रीराम के जयकारों से पूरा मंडरायल गुंजायमान हो उठा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम हजारों की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। मंडरायल थानाधिकारी रामचंद्र रावत स्वयं पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाले हुए थे। यात्रा मार्ग के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात नजर आए।

विशाल सभा और संबोधन कस्बे के मुख्य मार्गों और बाजार से होते हुए यह विशाल यात्रा आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय प्रांगण में पहुंचकर संपन्न हुई। यहाँ मंच पर विराजमान साधु-संतों और मुख्य अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्रपट पर दीप प्रज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और आरएसएस के संभागीय सह-प्रभारी समय सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि 1925 में नागपुर (महाराष्ट्र) से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्थापना हुई थी। तब से लेकर आज तक संघ द्वारा निरंतर सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार कर सनातनियों को जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “आज पूरे भारतवर्ष में सनातन धर्म का ध्वज लहरा रहा है। हम सभी सनातनियों को अब जात-पात की दीवारों को गिराकर एकजुट होना होगा और अपने धर्म को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगा। हमारी संस्कृति में ऋषि-मुनियों और साधु-संतों का सदैव सम्मान रहा है और इन्हीं से हमारा धर्म सुरक्षित है।”

प्रमुख उपस्थित जन इस भव्य आयोजन और विशाल कलश यात्रा को देखकर आयोजक और उपस्थित जन गदगद हो उठे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से बौद्धिक प्रमुख शांतनु पाराशर, डॉक्टर वंदना चौधरी, नरेश सिंह, विनोद बिहारी शर्मा, चंद्रपाल सिंह, रामराज जाटव, राजू सिंह और गिर्राज मीणा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनके अलावा इलाके के हजारों महिला, पुरुष, बच्चे और युवाओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

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