जिला परिषद करौली की साधारण सभा की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को जिला प्रमुख शिमला बैरवा की अध्यक्षता में जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु वीबीरामजी वार्षिक प्लान 2026-27 रहा, जिसे सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर अधिकारियों को जमकर घेरा।

विभागीय कार्यों की गहन समीक्षा
बैठक के दौरान जिला प्रमुख ने पिछली बैठक के कार्यवाही विवरण की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण, श्रम और महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियों पर चर्चा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जनहित से जुड़ी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए।

विधायकों ने जताई तल्खी, दिए कड़े निर्देश
बैठक में मौजूद क्षेत्रीय विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से उठाया:
- विधायक दर्शन सिंह गुर्जर (करौली): उन्होंने चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सीएमएचओ को जिले के दो निजी अस्पतालों की जांच करने और अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही राजकीय चिकित्सालय नादौती में खड़ी एम्बुलेंस को तुरंत 108 सेवा में बदलकर उपयोग में लेने को कहा।
- विधायक हंसराज मीणा (सपोटरा): उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग में भर्तियों की समीक्षा की। मीणा ने डांग विकास फंड और एमएलए फंड का उपयोग कर जर्जर स्कूल भवनों को गिराने और उनके पुनर्निर्माण के प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए।
गर्मी में निर्बाध आपूर्ति पर जोर
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को विशेष हिदायत दी गई:
- बिजली विभाग: नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करें और ट्रिपिंग की समस्या को कम करें।
- PHED: अंतिम छोर तक पेयजल पहुंचाना सुनिश्चित करें। जल जीवन मिशन (JJM) के तहत नलकूपों की स्थिति और चम्बल परियोजना के कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
- रसद विभाग: खाद्य सुरक्षा के पात्र लाभार्थियों को बिना किसी अनियमितता के राशन उपलब्ध कराएं।
इनकी रही मौजूदगी
बैठक में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा, अतिरिक्त जिला कलेक्टर हेमराज परिड़वाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) लखन सिंह, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक धर्मसिंह मीणा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सहायक निदेशक धर्मेंद्र मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और जिला परिषद सदस्य उपस्थित रहे।
