जयपुर: करीब एक साल से अपनों से दूर रह रही विमंदित बालिका पायल आखिरकार अपनी सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के सटीक इस्तेमाल से अपने परिवार से मिल गई है। पायल केवल अपना नाम बता पाती थी, लेकिन उसे अपने घर, माता-पिता या पते के बारे में कुछ भी याद नहीं था। परिजनों से मिलने की आस में शक्ति सदन में रह रही पायल के लिए आदर्श नगर थाना पुलिस की पहल उम्मीद की किरण साबित हुई, जिसने राजकॉप एप के फोटो मिलान ऑप्शन की मदद से उसकी पहचान कर उसके परिजनों तक पहुंच बनाई।
नाम के अलावा कुछ नहीं बता पाती थी पायल
पायल के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि वह अपने घर का पता या परिजनों के नाम जैसी जरूरी जानकारियां साझा करने में असमर्थ थी। आदर्श नगर थानाधिकारी छगन डांगी (सीआई) की नियुक्ति के बाद, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से अनुदानित संस्था ‘शक्ति सदन’ की वार्डन संतोष ने उन्हें पायल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह विमंदित बालिका करीब एक साल से रेस्क्यू किए जाने के बाद से संस्था में रह रही है और अपनी पहचान से जुड़ा कोई अन्य विवरण नहीं दे पा रही है।
राजकॉप एप की तकनीक ने खोला गुमशुदगी का राज
मामले की गंभीरता को समझते हुए थानाधिकारी ने पायल की तस्वीर को ‘राजकॉप एप’ के फोटो मिलान विकल्प पर अपलोड कर जांच की। तकनीकी सहायता रंग लाई और पायल की तस्वीर मुहाना थाना क्षेत्र में दर्ज एक गुमशुदा बालिका के रिकॉर्ड से सटीक बैठ गई।
राजकॉप पर मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुहाना थाना क्षेत्र में गुमशुदगी दर्ज कराने वाले परिवार से संपर्क किया और पायल की ताजा तस्वीर उन्हें सत्यापित करने के लिए भेजी।
फोटो देखते ही पहचान गए परिजन, छलक पड़े आंसू
परिजनों ने जैसे ही फोटो देखी, वे तुरंत अपनी बेटी को पहचान गए। उन्होंने पुष्टि की कि यह वही पायल है जो एक साल पहले उनसे बिछड़ गई थी। पुलिस ने उन्हें सूचित किया कि उनकी बेटी शक्ति सदन में पूरी तरह सुरक्षित है। सूचना मिलते ही परिजन तुरंत शक्ति सदन पहुंचे। करीब एक साल के लंबे इंतजार के बाद जब माता-पिता ने अपनी बेटी को सामने देखा, तो उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। उधर, पायल भी अपने परिजनों को देखकर बेहद भावुक हो गई।
पुलिस और तकनीक का अनूठा संगम
इस पूरे मामले में राजकॉप एप का फोटो मिलान फीचर एक मजबूत कड़ी साबित हुआ। पुलिस की इस संवेदनशील पहल और आधुनिक तकनीक के सही उपयोग ने न केवल एक गुमशुदा बेटी को उसके परिवार से मिलाया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि तकनीक मानवीय संवेदनाओं को जोड़ने का एक बड़ा जरिया बन सकती है। पायल के परिजनों और शक्ति सदन की प्रबंधन टीम ने आदर्श नगर थाना पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया।