जयपुर में 6.30 घंटे चला बुलडोजर, 60 मकान-दुकान ध्वस्त; उजड़ते आशियाने देख छलक पड़े लोगों के आंसू

राजधानी जयपुर के कानोता कस्बे में जयपुर-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण और सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भारी जाप्ते के साथ जेसीबी और बुलडोजर की मदद से 111 प्रतिष्ठानों के आगे किए गए अस्थायी और स्थायी अतिक्रमण हटा दिए। इस कार्रवाई के दौरान सड़क सीमा में आ रहे करीब 60 दुकानों और मकानों के हिस्सों को भी नियमानुसार ध्वस्त कर दिया गया।

थाने की चारदीवारी से हुई कार्रवाई की शुरुआत

अतिक्रमण हटाने के इस महा-अभियान की शुरुआत सुबह करीब 9:30 बजे जयपुर के कानोता थाना परिसर की चारदीवारी को ढहा कर की गई। इसके बाद मुख्य बाजार और हाईवे के किनारे बने अतिक्रमण हटाए गए। पूर्व में नोटिस मिलने के कारण अधिकांश दुकानदारों और भवन मालिकों ने स्वयं ही अपने टिनशेड, बोर्ड, चबूतरे और शटर हटा लिए थे। जो निर्माण नहीं हटाए गए, उन्हें जेसीबी से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान बस्सी एसीपी, तहसीलदार, एनएचएआई अधिकारी और भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से शाम 4 बजे तक चली।

निजी अस्पताल पर स्टे, मंदिर को मोहलत

अभियान के दौरान सड़क सीमा में आ रहे एक मंदिर को फिलहाल नहीं हटाया गया है। अधिकारियों ने पुजारी को इसे जल्द ही अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सड़क सीमा में आ रहे एक निजी अस्पताल को न्यायालय से स्थगन आदेश (Stay Order) प्राप्त होने के कारण उस हिस्से को यथास्थिति छोड़ दिया गया।

छलक पड़े आंसू: “बेटियों ने पूछा, अब घर कैसे चलेगा?”

विकास कार्यों के बीच कई परिवार भावुक नजर आए। वर्षों की मेहनत से खड़ी की गई दुकानों को जब जेसीबी ने ध्वस्त किया, तो कई लोगों की आंखें भर आईं। भीड़ में खड़ी दो बेटियों ने जब अपने पिता से पूछा कि “अब घर कैसे चलेगा?” तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। पिता ने भावुक होते हुए बेटियों को ढांढस बंधाया कि मेहनत के दम पर वे फिर से अपना कारोबार खड़ा करेंगे। व्यापारियों ने बताया कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन आजीविका छिनने से भविष्य को लेकर चिंता जरूर है।

फ्लाईओवर परियोजना के लिए कार्रवाई के मुख्य आंकड़े:

  • अभियान का समय: सुबह 9.30 बजे से शाम 4 बजे तक (6.30 घंटे)
  • कुल अतिक्रमण हटाए गए: 111 प्रतिष्ठानों के आगे से
  • ध्वस्त निर्माण: करीब 60 दुकानें और मकान (सड़क सीमा में आने वाले हिस्से)

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