‘बंटी-बबली’ कांड: कर्ज में डूबे प्रेमी को बचाने के लिए 41.70 लाख लूटने वाली ‘लुटेरी हसीना’ गिरफ्तार

जयपुर। राजधानी जयपुर के जगतपुरा स्थित अक्षय पात्र चौराहे के पास बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम बूथ से 41.70 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट के मामले को रामनगरिया थाना पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने 22 वर्षीय युवती अंशु कुमारी जाटव को गिरफ्तार कर उसके किराए के कमरे से 26.80 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। जांच में सामने आया कि युवती ने अपने प्रेमी को भारी कर्ज से निकालने के लिए इस पूरी वारदात की साजिश रची थी।

प्रेमी के कर्ज से उबारने के लिए रची वारदात की पटकथा

डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अंशु कुमारी जाटव मूल रूप से नदबई (भरतपुर) के लालपुर की रहने वाली है। वह रामनगरिया क्षेत्र के किशनपुरा स्थित ‘बजरंग दीप प्रथम’ में किराए के कमरे में रह रही थी। अंशु का प्रेम प्रसंग करौली के मासलपुर निवासी मस्तराम मीणा से चल रहा था। मस्तराम भारी कर्ज में डूबा हुआ था। कर्ज चुकाने के लिए दोनों ने मस्तराम के दो अन्य साथियों—पुष्पेंद्र मीणा और सुमित जंगम—के साथ मिलकर लूट की योजना तैयार की।

कई दिनों तक रेकी, घटना के दिन दिया इनपुट

एसीपी दीपक खंडेलवाल के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने कई दिनों तक बैंक और एटीएम बूथ की रेकी की थी। वारदात से एक दिन पहले भी अंशु को यह जांचने भेजा गया था कि एटीएम मशीन चालू है या नहीं।

14 सितंबर की सुबह करीब 10:30 बजे जब तीन बैंक कर्मचारी एटीएम से कैश निकालने पहुंचे, तब अंशु पहले से वहां मौजूद थी। उसने कर्मचारियों को देखते ही तुरंत अपने प्रेमी मस्तराम को फोन पर अलर्ट भेजा। सूचना मिलते ही एक आरोपी कार लेकर कुछ दूरी पर खड़ा हो गया, जबकि बाइक सवार दो बदमाश हथियार लहराते हुए मौके पर पहुंचे। बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों को डरा-धमकाकर कैश से भरा बैग छीना और फरार हो गए।

1,000 सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल और कपड़ों का खेल

वारदात के तुरंत बाद पुलिस को चकमा देने के लिए बदमाशों ने रास्ते में अपने कपड़े बदले। इसके बाद 26.80 लाख रुपये एक सूटकेस में बंद कर अंशु के किराए के कमरे पर पहुंचा दिए गए, जबकि बची हुई रकम लेकर तीनों फरार हो गए।

पुलिस टीमों ने वारदात के बाद इलाके के करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्ध रास्तों की मैपिंग के दौरान अंशु की गतिविधियां कैमरे में कैद हुईं और उस पर संदेह गहरा गया। फुटेज के आधार पर पुलिस उसके किराए के कमरे तक पहुंची, जहां तलाशी के दौरान सूटकेस से 26.80 लाख रुपये नकद बरामद हो गए।

बैंककर्मी की भूमिका भी जांच के दायरे में

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि मस्तराम को इस बात की सटीक जानकारी थी कि एटीएम से कैश निकालने का जिम्मा महिला कर्मचारियों के पास रहता है। आरोपी को यह गुप्त सूचना बैंक के ही किसी कर्मचारी द्वारा दिए जाने की आशंका है। पुलिस अब उस बैंककर्मी की पहचान और मिलीभगत की पड़ताल कर रही है।

वारदात का पर्दाफाश करने में डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम (डीएसटी) के बन्नालाल, राजेश चौधरी और हेमंत की मुख्य भूमिका रही। पुलिस की टीमें फरार आरोपी मस्तराम मीणा, पुष्पेंद्र मीणा और सुमित जंगम की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।


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