जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुसार सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुँचाने के लिए जयपुर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर शनिवार को जिले के तमाम उपखण्ड अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण अभियान के दौरान अधिकारियों ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (PHC) का औचक मुआयना किया। इस दौरान निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया गया:
- चिकित्सा अधिकारियों और नर्सिंग स्टाफ की समय पर उपस्थिति।
- दवाओं का पर्याप्त स्टॉक और जांच सुविधाओं की सुलभता।
- अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल और बुनियादी ढांचा।
- अधिकारियों ने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और व्यवस्थाओं को और अधिक संवेदनशील बनाने के निर्देश दिए।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका मिशन की समीक्षा
कलक्टर के निर्देशों पर अधिकारियों ने विकसित भारत–रोज़गार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत चल रहे विकास कार्यों का मौके पर जाकर सत्यापन किया।
“कार्यों में पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।” अधिकारियों ने संबंधित कार्मिकों को कार्यों की गति बढ़ाने और गुणवत्ता मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
सेना दिवस परेड के लिए जन-सहभागिता की अपील
क्षेत्रीय दौरों के दौरान अधिकारियों ने गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और विद्यालय प्रबंधन समितियों के साथ भी बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य आगामी सेना दिवस परेड (जो इस बार राजस्थान की मेजबानी में हो रहा है) में नागरिकों और विद्यार्थियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने आमजन से इस गौरवशाली आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की।
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
दिनभर चले इस सघन निरीक्षण के बाद सभी अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में जिला कलक्टर को सौंप दी है। कलक्टर डॉ. सोनी इन रिपोर्ट्स की समीक्षा करेंगे और पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित विभागों के विरुद्ध आवश्यक सुधारात्मक कदम और अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

