जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोगों को फर्जी पुलिसकर्मी, विश्वविद्यालय का प्रोफेसर और नर्सिंग ऑफिसर बनकर ठगने वाले एक शातिर आरोपी को मुहाना थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। डीसीपी साउथ राजर्षिराज के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शातिर ठग अरुण शर्मा उर्फ आलू उर्फ सुनील शर्मा (निवासी कागजीवाड़ा, ब्रह्मपुरी) को दबोचा है। आरोपी लोगों को पुलिस की स्पेशल टीम और फर्जी मुकदमों का डर दिखाकर ब्लैकमेल करता था और नौकरी लगवाने के नाम पर बड़ी रकम ठगता था।
कैसे खुला ठगी का पूरा खेल?
यह पूरा मामला 21 जुलाई का है, जब मुहाना थाने में पीड़ित ललित गहलोत ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
- आरोपी ने फेसबुक पर ‘इंजीनियर सुनील मीणा’ के नाम से फर्जी आईडी बनाकर परिवादी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और खुद को पुराना छात्र बताकर संपर्क किया।
- इसके बाद नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे 62,000 रुपए ठग लिए।
- अगले दिन एक अन्य व्यक्ति परिवादी के घर पहुंचा और खुद को गांधी नगर थाने का पुलिसकर्मी बताते हुए धमकाया कि सुनील मीणा को गलत काम के लिए पैसे भेजे गए हैं। स्पेशल स्टाफ का डर दिखाकर बदमाशों ने परिवादी और उसकी पत्नी से 60,000 रुपए और ऐंठ लिए।
- ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी और तकनीकी मदद से धरा गया शातिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुहाना थाना पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सहायता ली। मुखबिर की सूचना और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की पहचान अरुण शर्मा के रूप में हुई। पुलिस ने लगातार निगरानी रखकर उसे डिटेन किया, जहाँ पूछताछ में उसने दो दर्जन से अधिक ठगी की वारदातें करना स्वीकार कर लिया।
पूछताछ में सामने आए अन्य बड़े खुलासे:
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि वह जेल से छूटने के बाद भी इसी तरह वारदातों को अंजाम दे रहा था। उसके द्वारा की गई अन्य ठगी इस प्रकार हैं:
- ब्रह्मपुरी निवासी गिर्राज सिंह से नौकरी के नाम पर 20 लाख रुपए ठगे।
- नाहरगढ़ निवासी विजय से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर मुकदमा दर्ज करने का डर दिखाकर 25,000 रुपए ऐंठे।
- गलतागेट निवासी सुभाष से नौकरी के नाम पर 1.50 लाख रुपए ठगे।
- आरटीयू में नंबर बढ़वाने के नाम पर अंबर व अभिनव से क्रमशः 62,000 रुपए और 34,000 रुपए लिए।
- मानसरोवर निवासी अनु सिंधी से सीएसटी का स्पेशल स्टाफ बनकर 90,000 रुपए ऐंठे।
- इसके अलावा नर्सिंग का काम दिलाने, मुकदमे से बचाने और यूनिवर्सिटी में नंबर बढ़ाने के नाम पर कई अन्य लोगों से भी हजारों रुपए की ठगी की गई है।
पुलिस फिलहाल आरोपी से रिमांड पर पूछताछ कर रही है ताकि इस ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का भी सुराग लगाया जा सके।
