नई दिल्ली: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखी राजस्थान की मांगें; जयपुर में एम्स और चंबल प्रोजेक्ट के लिए ₹5000 करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली: उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष रखी राजस्थान की मांगें; जयपुर में एम्स और चंबल प्रोजेक्ट के लिए ₹5000 करोड़ का प्रस्ताव

नई दिल्ली, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित ‘बजट-पूर्व परामर्श बैठक’ (Pre-Budget Consultation) में भाग लिया। बैठक में दिया कुमारी ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए राजस्थान की विकासात्मक आवश्यकताओं और वित्तीय प्राथमिकताओं का विस्तृत खाका पेश किया।

जल शक्ति: चंबल और यमुना जल परियोजना पर जोर

उपमुख्य मंत्री ने राज्य में जल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार से दो बड़ी परियोजनाओं के लिए विशेष सहयोग मांगा:

  • पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना: इसे राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने और इसके लिए ₹5,000 करोड़ के बजटीय प्रावधान की मांग की।
  • यमुना जल संवहन परियोजना: शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, चुरू, झुंझुनू) की प्यास बुझाने के लिए इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल कर ₹200 करोड़ आवंटित करने का आग्रह किया।
  • सूक्ष्म सिंचाई: ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ₹900 करोड़ की केंद्रीय सहायता का प्रस्ताव रखा।

स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा: जयपुर में एम्स का प्रस्ताव

स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रदेश को बड़ी सौगात दिलाने की दिशा में उपमुख्यमंत्री ने जयपुर में एम्स (AIIMS) की स्थापना की महत्वपूर्ण मांग रखी। साथ ही, उन्होंने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निम्नलिखित बिंदु उठाए:

  • राष्ट्रीय राजमार्ग: वर्ष 2018 में घोषित 50 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र अधिसूचित करने की मांग।
  • अमृत 2.0 मिशन: इस मिशन की अवधि को मार्च 2028 तक बढ़ाने का सुझाव।
  • ऊर्जा क्षेत्र: पारेषण परियोजनाओं, ग्रिड स्थिरता और बैटरी ऊर्जा भंडारण के लिए वित्तीय सहयोग का आग्रह।

पर्यटन और संविदा कर्मियों के लिए विशेष आग्रह

दिया कुमारी ने पर्यटन को राजस्थान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए हेरिटेज टूरिज्म सर्किट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार के लिए विशेष फंड की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने एक संवेदनशील मुद्दा उठाते हुए आग्रह किया कि:

“राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और समग्र शिक्षा अभियान के तहत जो संविदा कर्मचारी नियमित किए गए हैं, उनके वेतन और स्थापना व्यय में केंद्र सरकार अपना निरंतर सहयोग जारी रखे।”

विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की ओर

उपमुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी केंद्रीय बजट राजस्थान जैसे राज्यों की वित्तीय साख को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान, प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ और 5 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाता रहेगा।

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