जोधपुर सेना लेखा कार्यालय में भ्रष्टाचार: ₹1.35 लाख का बिल पास करने के बदले ₹15,000 रिश्वत मांगने वाला कर्मचारी गिरफ्तार

How is Director of the Central Bureau of Investigation (CBI) appointed

राजस्थान के जोधपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (CBI ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एरिया अकाउंट्स ऑफिस (Army) में कार्यरत लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) राजकुमार मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। आरोपी ने एक सैन्य कर्मचारी के बच्चों के शिक्षा भत्ता (CEA) और हॉस्टल सब्सिडी के बिल को पास करने के लिए रिश्वत की मांग की थी।

क्या है पूरा मामला?

शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार, जो वर्तमान में जैसलमेर में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में FGM (ग्रेड-2) के पद पर तैनात हैं, ने CBI को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने अपने बेटे मयंक कुमार की कक्षा 8वीं के शिक्षा भत्ते और हॉस्टल सब्सिडी का करीब 1,35,000/- रुपये का बिल रसाला रोड स्थित रीजनल अकाउंट ऑफिस, जोधपुर भेजा था।

WhatsApp कॉल के जरिए मांगी रिश्वत

प्रदीप कुमार के अनुसार, 16 अप्रैल 2026 को आरोपी राजकुमार मीणा ने उन्हें WhatsApp कॉल किया और बताया कि उनके बिल में तीन कमियां हैं। आरोपी ने इन कमियों को दूर कर बिल पास करने के बदले 20 प्रतिशत कमीशन (लगभग 20,000 रुपये) की मांग की। बातचीत के बाद मामला 15,000 रुपये में तय हुआ। आरोपी ने नकद के बजाय बैंक खाते में पैसे डालने का दबाव बनाया ताकि वह रंगे हाथ पकड़े जाने से बच सके।

CBI की कार्रवाई

शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने जोधपुर CBI मुख्यालय में मामले की शिकायत की। CBI ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में आरोपों का सत्यापन (Verification) किया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद, CBI ने आरोपी राजकुमार मीणा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

वर्तमान में CBI के पुलिस उप अधीक्षक (Dy. SP) मुकेश बंसल मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment