बूंदी नगर परिषद की बड़ी सख्ती: दुकान के बाहर डस्टबिन नहीं रखा तो कटेगा चालान, अतिक्रमण हटाने के लिए 2 दिन का अल्टीमेटम

बूंदी। शहर को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए बूंदी नगर परिषद ने अब सख्त रुख अपना लिया है। नगर परिषद की ओर से शहर के सभी व्यवसायियों, दुकानदारों और आम जनता के लिए दो सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। पहले निर्देश के तहत दुकानों और ठेलों के बाहर डस्टबिन रखना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि दूसरे निर्देश में शहर की सूरत बिगाड़ने वाले अतिक्रमणकारियों को अपना अवैध कब्जा हटाने के लिए महज दो दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।

दुकान और रेहड़ी के बाहर डस्टबिन अनिवार्य, नियम टूटने पर लगेगा भारी जुर्माना

अक्सर देखा जाता है कि शहर में खाने-पीने की दुकानों और ठेलों के आसपास सबसे ज्यादा कचरा और गंदगी फैलती है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद ने एक सार्वजनिक अपील जारी की है। विशेष रूप से चाय, कचौरी, पोहा, फास्ट फूड और फल विक्रेताओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपने प्रतिष्ठान के ठीक सामने अनिवार्य रूप से डस्टबिन रखें।

नगर परिषद आयुक्त आशा मीणा ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक दुकानदार को शहर की सुंदरता बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। यदि किसी दुकानदार, व्यवसायी या ठेला संचालक द्वारा इन निर्देशों का उल्लंघन किया जाता है और उनके प्रतिष्ठान के बाहर डस्टबिन नहीं पाया जाता है, तो नगर परिषद अधिनियम 2009 के तहत नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया जाएगा। आयुक्त ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे जुर्माने की कार्रवाई से बचें और शहर को साफ-सुथरा बनाने के इस पुनीत कार्य में सहयोग करें।

अतिक्रमणकारियों को 2 दिन का अल्टीमेटम: खुद हटाएं अवैध निर्माण, वरना चलेगा बुलडोजर

स्वच्छता के साथ-साथ शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए भी नगर परिषद ने कमर कस ली है। शहर के मुख्य मार्गों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थायी या अस्थायी रूप से अवैध कब्जा कर शहर की यातायात और सीवरेज व्यवस्था को बाधित करने वालों को सख्त चेतावनी जारी की गई है।

नगर परिषद आयुक्त आशा मीणा ने बताया कि जिन भी लोगों ने मकान, दुकान या भवन के बाहर अवैध निर्माण या अतिक्रमण कर रखा है, उन्हें इसे स्वयं हटाने के लिए 2 दिन का समय दिया जा रहा है।

नुकसान और जुर्माने की जिम्मेदारी अतिक्रमी की होगी

यदि निर्धारित समय-सीमा (दो दिन) के भीतर अवैध निर्माण या कब्जा नहीं हटाया जाता है, तो नगर परिषद का दस्ता खुद मौके पर पहुंचकर इन अतिक्रमणों को ध्वस्त कर देगा। आयुक्त ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि नगर परिषद की इस दंडात्मक कार्रवाई के दौरान यदि किसी मकान, दुकान या भवन का कोई नुकसान होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित मालिक की ही होगी। इसके अलावा, अतिक्रमण हटाने में आने वाला खर्च और नियमानुसार जुर्माना राशि भी संबंधित अतिक्रमी से ही वसूली जाएगी।

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