National Vaccination Day 2026: डिजिटल ट्रैकिंग और अलर्ट सिस्टम ने बदली सूरत, जानें कब और कौन सा टीका है जरूरी

जयपुर |

आज 16 मार्च है—राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस। यह दिन उस गौरवशाली यात्रा की याद दिलाता है जो 1995 में इसी दिन पल्स पोलियो की पहली खुराक के साथ शुरू हुई थी। आज राजस्थान में टीकाकरण अभियान एक सशक्त ‘सुरक्षा कवच’ बन चुका है, जहाँ गर्भधारण से लेकर 16 साल तक के किशोरों को 11 तरह के मुफ्त टीकों के जरिए 12 गंभीर बीमारियों से बचाया जा रहा है।

90 फीसदी तक पहुँचा टीकाकरण कवरेज

चिकित्सा विभाग के अनुसार, प्रदेश में टीकाकरण का ग्राफ 90 प्रतिशत तक पहुँच गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और ‘यू-विन’ (U-Win) जैसे पोर्टल हैं। अब यदि कोई बच्चा टीकाकरण से छूट जाता है, तो सिस्टम पोर्टल के जरिए सीधे अभिभावकों को अलर्ट मैसेज भेजता है। विभाग न केवल टीकों की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि समाज में फैली भ्रांतियों और मिथकों को तोड़ने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान भी चला रहा है।

सर्वीक्स कैंसर का टीका भी अब मुफ्त सूची में शामिल

इस बार की सबसे बड़ी उपलब्धि सर्वीक्स कैंसर (HPV) वैक्सीन का मुफ्त उपलब्ध होना है। विशेषज्ञों (डॉ. अशोक गुप्ता एवं डॉ. तरुण पाटनी) के अनुसार, 0.5 एमएल की एक सिंगल डोज बच्चियों को एचपीवी (टाइप 6, 11, 16 एवं 18) से सुरक्षा प्रदान करती है। अभिभावक कोविन की तर्ज पर ‘यू-विन’ एप पर जाकर इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और नजदीकी सेंटर का पता लगा सकते हैं।

पोलियो मुक्त राजस्थान: सरहदी जिलों पर विशेष नजर

राजस्थान में दिसंबर 2009 के बाद से पोलियो का एक भी मामला सामने नहीं आया है। भारत को 2014 में ही पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है। हालांकि, जोधपुर और बाड़मेर जैसे सरहदी जिलों में पाकिस्तान से आने वाले नागरिकों के कारण और भरतपुर-अलवर में यूपी की सीमा से सटे होने के कारण ‘उप राष्ट्रीय चरण’ (SNID) के तहत अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती है।

इन बीमारियों से मिल रही है सुरक्षा:

सरकारी केंद्रों पर फिलहाल बीसीजी, हिपेटाइटिस-बी, पेंटावेलेंट, पोलियो, रोटावायरस, पीसीवी, मीजल्स-रुबेला, आईपीवी, डीपीटी, टीडी और सर्वीक्स कैंसर के टीके निशुल्क लगाए जा रहे हैं।


टीकाकरण की ऐतिहासिक समय सारणी (Timeline):

वर्षशामिल किया गया टीका
2011हिपेटाइटिस-बी
2014पेंटावेलेंट वैक्सीन
2016आईपीवी (IPV)
2017रोटा वायरस वैक्सीन
2018पीसीवी (PCV) – प्रथम चरण
2019मीजल्स-रुबेला और टीडी (10 व 16 साल के बच्चों व गर्भवती महिलाओं हेतु)
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