जयपुर | राजधानी के पॉश इलाके वैशाली नगर की आरएसईबी (RSEB) कॉलोनी में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और आवासीय नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि रिहायशी इलाके में नियमों को ताक पर रखकर कमर्शियल काम हो रहे हैं, जिससे आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है।
37 साल पुराना नियम टूटा, पार्किंग की जमीन पर बने शोरूम
कॉलोनी के निवासियों के अनुसार, करीब 37 साल पहले यह जमीन पूर्णतः आवासीय उपयोग के लिए आवंटित की गई थी। शुरुआत में यहाँ फ्लैट्स बनाए गए, लेकिन बाद में विकास समिति के पूर्व पदाधिकारियों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे हैं।
- आरोप: सुविधा क्षेत्र (Facility Area) और पार्किंग के लिए रिजर्व रखी गई जमीन को अवैध रूप से बेच दिया गया।
- बदलाव: मुख्य मार्ग पर स्थित कई फ्लैट्स को नियमों के विरुद्ध शोरूम में तब्दील कर दिया गया है।
- लापरवाही: कॉलोनी में व्यावसायिक निर्माण की कोई परमिशन नहीं होने के बावजूद बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हो चुके हैं।
JDA की कार्रवाई पर सवाल: नोटिस देकर ‘इतिश्री’
मामला सामने आने पर स्थानीय निवासियों ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के पास शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत पर जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने 10 भूखंडधारियों को नोटिस भी जारी किए, लेकिन नोटिस देने के बाद प्रशासन कार्रवाई करना ही भूल गया। निवासियों का कहना है कि जेडीए केवल खानापूर्ति कर रहा है, जबकि धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कोर्ट और ट्रिब्यूनल के आदेशों की भी अवहेलना
इस मामले को लेकर कॉलोनी निवासी देवीचरण गुप्ता ने जेडीए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी।
ट्रिब्यूनल का फैसला: जनवरी 2023 में ट्रिब्यूनल ने आदेश दिए थे कि अनुमोदित नक्शे के विपरीत किए गए निर्माण पर विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा, कोर्ट ने भी जेडीए को सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन प्रभावित निवासी आज भी जेडीए कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। निवासी विवेक शर्मा ने बताया कि वह और अन्य सदस्य कई बार पत्र लिख चुके हैं, पर प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
