हाड़ौती संभाग के लिए 6691 करोड़ की 3 बड़ी सौगातें: ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और 2 वृहद पेयजल परियोजनाओं से संवरेगा 4 जिलों का भविष्य

हाड़ौती संभाग के लोगों का वर्षों पुराना हवाई सफर का सपना अब धरातल पर उतरने को तैयार है। कोटा-बूंदी के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ₹1,507 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस एयरपोर्ट के बनने से न केवल कोचिंग सिटी कोटा की कनेक्टिविटी देश के बड़े शहरों से होगी, बल्कि हाड़ौती के पर्यटन और व्यापार को भी वैश्विक पहचान मिलेगी।

पानी की समस्या होगी दूर: दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं को मिली गति ।

हवाई कनेक्टिविटी के साथ-साथ संभाग के चारों जिलों—कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़—में पीने के पानी की किल्लत को खत्म करने के लिए ₹5,184 करोड़ से अधिक की दो बड़ी पेयजल योजनाओं पर काम शुरू हो गया है।


हाड़ौती की 3 बड़ी परियोजनाएं: एक नज़र में (Table)

परियोजना का नामबजट (करोड़ में)मुख्य लाभप्रभावित जिले
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट₹1,507.00हवाई कनेक्टिविटी और पर्यटनकोटा, बूंदी
नौनेरा पेयजल योजना₹1,661.14749 गांवों के 1.13 लाख परिवारों को जलकोटा, बूंदी
परवन अकावद योजना₹3,523.161402 गांवों के 1.52 लाख परिवारों को जलबारां, कोटा, झालावाड़
कुल बजट₹6,691.30सर्वांगीण विकासपूरा हाड़ौती संभाग

1. नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना: कोटा-बूंदी के 749 गांवों को ‘हर घर जल’ ।

जल जीवन मिशन के तहत ₹1,661.14 करोड़ की इस परियोजना से कोटा और बूंदी जिलों के 749 गांवों और 6 कस्बों की प्यास बुझेगी।

  • कोटा: लाडपुरा, पीपल्दा, सांगोद विधानसभा क्षेत्रों के 384 गांव और 3 कस्बे।
  • बूंदी: केशवरायपाटन और बूंदी विधानसभा क्षेत्रों के 365 गांव और 3 कस्बे।
  • प्रगति: प्रथम पैकेज का ₹207.38 करोड़ का कार्यादेश 4 दिसंबर 2025 को जारी किया जा चुका है। इसके तहत इन्टेक वेल और जल शोधन संयंत्रों (WTP) का निर्माण प्रस्तावित है।

2. परवन अकावद परियोजना: बारां-झालावाड़ के लिए ₹3523 करोड़ की सौगात ।

यह परियोजना हाड़ौती की सबसे बड़ी पेयजल योजनाओं में से एक है, जिससे 1,402 गांवों और 276 ढाणियों के 1.52 लाख परिवारों को सीधे लाभ होगा।

  • कवर क्षेत्र: झालावाड़ के मनोहरथाना, खानपुर और बारां के छबड़ा, अटरू, अंता, किशनगंज जैसे सुदूर क्षेत्र।
  • प्रगति: इसका प्रथम पैकेज ₹236.01 करोड़ का है, जिसका कार्यादेश 10 सितंबर 2025 को जारी हुआ था। इसमें 02 इन्टेक वेल और विशाल ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का कार्य शामिल है।
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